politics
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, बोले- “BJP के इशारे पर काम न करे चुनाव आयोग”
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और कुछ मामलों में फॉर्म-7 के जरिए समाजवादी पार्टी व PDA समर्थकों के वोट काटने की कोशिश की गई। अखिलेश ने चुनाव आयोग से निष्पक्ष तरीके से काम करने और राजनीतिक दबाव से दूर रहने की मांग की। सपा ने इस मुद्दे को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में मतदाता सूची के विशेष अभियान को लेकर राजनीतिक दलों के साथ बैठक करने, अभियान के निर्देश साझा करने और पात्र मतदाताओं के नाम न हटाने समेत कई मांगें रखी गईं।

लखनऊ में अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग का काम निष्पक्ष तरीके से मतदाता सूची तैयार करना और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने दशरथ नाम के एक व्यक्ति को पकड़ा था, जिसने कथित तौर पर 100 से ज्यादा फॉर्म-7 भरे थे। सपा का आरोप है कि इन फॉर्म के जरिए संबंधित विधानसभा क्षेत्र में सपा और PDA समर्थकों के वोट हटाने की कोशिश की गई।
अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग में शिकायत किए जाने के बाद शिकायत को स्वीकार किया गया, लेकिन किसी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सुल्तानपुर का भी उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने नंदलाल निषाद से फॉर्म-7 पर हस्ताक्षर करवाए, जबकि वह अपना नाम तक लिखना नहीं जानते। अखिलेश ने सवाल किया कि ऐसी स्थिति में उनके नाम से वोट हटाने की प्रक्रिया कैसे शुरू हुई। अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग को किसी भी राजनीतिक दल के दबाव में काम नहीं करना चाहिए। उन्होंने बीजेपी पर आयोग के बचाव का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि अगर विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है, तो बीजेपी उसका बचाव क्यों कर रही है।
इस मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल के नेतृत्व में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि भारत निर्वाचन आयोग राजनीतिक दलों की तत्काल बैठक बुलाए और मतदाता सूची के विशेष अभियान से जुड़े सभी निर्देश राजनीतिक दलों के साथ साझा किए जाएं। साथ ही जनपद स्तर पर भी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने की मांग की गई। सपा ने प्रदेश में 11 विधान परिषद सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को होने वाले मतदान के दिन सार्वजनिक या स्थानीय अवकाश घोषित करने की मांग भी की। पार्टी का कहना है कि इससे संबंधित क्षेत्रों के पात्र मतदाताओं को बिना किसी परेशानी के मतदान करने का अवसर मिलेगा।
इसके अलावा बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से नहीं हटाने की मांग की गई। सपा ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का नाम अपात्रता के आधार पर हटाया जाता है, तो उसका स्पष्ट कारण और संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जानकारी रिकॉर्ड में दर्ज कर सार्वजनिक की जानी चाहिए। ज्ञापन में सपा ने मतदाता सूची के विशेष अभियान को लेकर भी कई सवाल उठाए। पार्टी का आरोप है कि अभियान शुरू करने से पहले राजनीतिक दलों के साथ पर्याप्त चर्चा नहीं की गई और निर्देश भी साझा नहीं किए गए। सपा ने इसे लेकर चुनाव आयोग से पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने और सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर देने की मांग की है।
