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Shaktipeeth Expressway: किसानों की जमीन पर बढ़ा विवाद, 13 जिलों में आंदोलन की तैयारी

महाराष्ट्र में शक्तिपीठ महामार्ग को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच जमीन सर्वे का मुद्दा गरमा गया है। पंढरपुर क्षेत्र के किसानों ने प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के लिए कृषि भूमि के सर्वे और अधिग्रहण पर विरोध जताया है। किसान संगठनों ने आंदोलन तेज करने की तैयारी की है।

Neha Sharma08 अक्टू. 2026, 01:42 PM IST
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Shaktipeeth Expressway: किसानों की जमीन पर बढ़ा विवाद, 13 जिलों में आंदोलन की तैयारी

मुंबई/सोलापुर, 8 अक्टूबर 2026: महाराष्ट्र में प्रस्तावित शक्तिपीठ महामार्ग को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। पंढरपुर तालुका के कुछ गांवों में प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के लिए जमीन सर्वे और मापणी को लेकर किसानों ने विरोध जताया है। किसानों का आरोप है कि भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच उनकी जमीन की मापणी कराई जा रही है।


किसानों ने जताया विरोध

रिपोर्टों के अनुसार, पंढरपुर तालुका के आव्हे, बाव्हे, नांदोर और सोलंकरवाडी जैसे गांवों में भूमि सर्वे को लेकर तनाव की स्थिति बनी। किसानों ने अपनी कृषि भूमि के अधिग्रहण पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया। कुछ किसानों ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में सर्वे कराया गया और ग्रामीणों पर दबाव बनाया गया।

इससे पहले नांदोर गांव में भी भूमि सर्वे के दौरान किसानों का विरोध सामने आया था। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कुछ किसानों ने बेहद आक्रामक तरीके से विरोध किया, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और सर्वे की प्रक्रिया प्रभावित हुई।


13 जिलों के किसानों ने बनाया आंदोलन का प्लान

इस मुद्दे को लेकर 13 जिलों के किसान प्रतिनिधियों ने ऑनलाइन बैठक की। बैठक में 9 अक्टूबर को विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन करने और आगे राज्यस्तरीय आंदोलन की रणनीति तैयार करने का फैसला लिया गया। किसानों की ओर से कहा गया है कि वे प्रस्तावित महामार्ग के लिए अपनी कृषि भूमि के अधिग्रहण का विरोध जारी रखेंगे।


क्या है शक्तिपीठ महामार्ग?

प्रस्तावित शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने वाला बड़ा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है। इसकी संशोधित योजना के तहत यह परियोजना 13 जिलों और 40 तालुकाओं से गुजरने वाली है तथा करीब 8,760 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की आवश्यकता बताई गई है। सरकारी स्तर पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के संबंध में पंढरपुर तालुका के लिए महाराष्ट्र हाईवे एक्ट की धारा 15(2) के तहत अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है।


किसानों की मुख्य चिंता क्या है?

किसानों का कहना है कि कृषि भूमि उनके परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है। जमीन जाने की स्थिति में खेती और ग्रामीण परिवारों की आय पर असर पड़ने की चिंता किसानों द्वारा जताई जा रही है। वहीं, परियोजना से जुड़े प्रशासनिक पक्ष में भूमि सर्वे और अधिग्रहण की प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के तहत आगे बढ़ाने की बात सामने आई है। इसलिए मौजूदा विवाद का मुख्य केंद्र जमीन अधिग्रहण, किसानों की सहमति/आपत्तियां और सर्वे की प्रक्रिया बना हुआ है।


आगे क्या होगा?

किसान संगठनों ने 9 अक्टूबर को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आंदोलन का ऐलान किया है। इसके अलावा 11 अक्टूबर को कोल्हापुर में आगे की रणनीति पर बैठक और सोलापुर क्षेत्र में चल रहे सर्वे के खिलाफ व्यापक आंदोलन की योजना भी सामने आई है।