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UP Police में 470 खिलाड़ियों की सीधी भर्ती, 866 और की तैयारी; योगी बोले- अब सिफारिश नहीं, प्रतिभा को मौका
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को सरकारी नौकरी से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कुशल खिलाड़ी कोटे के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस में चयनित 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इनमें 43 उप निरीक्षक, 295 नागरिक पुलिस के आरक्षी और 132 पीएसी आरक्षी शामिल हैं। कार्यक्रम लखनऊ स्थित लोक भवन में आयोजित हुआ।

470 खिलाड़ियों को मिली यूपी पुलिस में नियुक्ति
उत्तर प्रदेश में खेल प्रतिभाओं के लिए सरकारी नौकरी का एक और रास्ता खुला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लखनऊ स्थित लोक भवन सभागार में यूपी पुलिस में चयनित 470 कुशल खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र सौंपे।
खेल कोटे से हुई इन नियुक्तियों में अलग-अलग पदों पर खिलाड़ियों का चयन किया गया है।
| पद | नियुक्ति |
|---|---|
| उप निरीक्षक, नागरिक पुलिस | 43 |
| आरक्षी, नागरिक पुलिस | 295 |
| आरक्षी, पीएसी | 132 |
| कुल | 470 |
नियुक्ति पाने वाले ये खिलाड़ी अब उत्तर प्रदेश पुलिस में अपनी सेवाएं देंगे।
‘जर्सी से वर्दी की यात्रा शुरू हुई’
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चयनित खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि अब उनकी ‘जर्सी से वर्दी’ की यात्रा शुरू हुई है। उन्होंने खिलाड़ियों से यह भी पूछा कि क्या नौकरी पाने के लिए किसी ने उनसे पैसे मांगे या उन्हें किसी की सिफारिश की जरूरत पड़ी।
योगी ने कहा कि यह सरकार का अहसान नहीं बल्कि खिलाड़ियों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने 2017 से पहले खेल कोटे और खिलाड़ियों की सीधी भर्ती को लेकर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक उनकी सरकार ने खिलाड़ियों के लिए पुलिस में सीधी भर्ती का रास्ता शुरू किया।
2017 से पहले की भर्ती व्यवस्था पर योगी का निशाना
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2017 से पहले प्रदेश में खेल कोटा उपेक्षित था और भर्ती में प्रतिभा की बजाय सिफारिश और प्रभाव की चर्चा होती थी। योगी के अनुसार अब खेल उपलब्धि और योग्यता के आधार पर खिलाड़ियों को सरकारी सेवा का अवसर दिया जा रहा है।
यह मुख्यमंत्री की ओर से पिछली व्यवस्था को लेकर किया गया राजनीतिक दावा है; विभिन्न रिपोर्टों में उनके इसी बयान का उल्लेख किया गया है।
534 से ज्यादा खिलाड़ियों की सीधी भर्ती का दावा
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में 534 से अधिक खिलाड़ियों की सीधी भर्ती हो चुकी है। सरकार खेल प्रतिभाओं को रोजगार और सुरक्षित भविष्य से जोड़ने की नीति पर जोर दे रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार यूपी पुलिस में 866 अन्य खिलाड़ियों की भर्ती प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। इससे आने वाले समय में खेल कोटे के जरिए पुलिस विभाग में और नियुक्तियां होने की संभावना है।
ओलंपिक और एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को DSP पद
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को यूपी पुलिस में सीधे डिप्टी एसपी के पद पर नियुक्ति देने की व्यवस्था की गई है। उनके मुताबिक ऐसे सात खिलाड़ियों को अब तक नौकरी दी जा चुकी है।
पुलिस में खेल सुविधाओं का भी विस्तार
470 खिलाड़ियों की नियुक्ति के साथ-साथ पुलिस बल में खिलाड़ियों के लिए खेल सुविधाओं को बढ़ाने की योजनाएं भी सामने आई हैं।
इनमें 35वीं वाहिनी पीएसी, लखनऊ में सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक का पुनर्निर्माण और 150 खिलाड़ियों की क्षमता वाले स्पोर्ट्स हॉस्टल का निर्माण शामिल है।
इसके अलावा 10वीं वाहिनी पीएसी, बाराबंकी में एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड और 150 खिलाड़ियों की क्षमता वाला हॉस्टल, 41वीं वाहिनी पीएसी, गाजियाबाद में इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तथा 47वीं वाहिनी पीएसी, गाजियाबाद में कबड्डी ग्राउंड और टीन शेड बनाए जाने की योजना है।
‘PDA’ और ‘NDA’ को लेकर राजनीतिक बयान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भर्ती और रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष पर राजनीतिक हमला भी किया। उन्होंने PDA को ‘प्रदेश डुबाओ अलायंस’ और NDA को ‘नौकरी देंगे अलायंस’ के तौर पर पेश किया।
यह टिप्पणी मुख्यमंत्री का राजनीतिक बयान है। इसे खबर में उनके कथन के रूप में ही देखा जाना चाहिए। उपलब्ध अन्य रिपोर्टों में भी 2017 से पहले की भर्ती व्यवस्था पर उनके सिफारिश और प्रभाव वाले आरोपों का उल्लेख है।
खेल से नौकरी तक बढ़ा दायरा
470 खिलाड़ियों को यूपी पुलिस में नियुक्ति दिए जाने को सरकार प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को सरकारी सेवा से जोड़ने की नीति के उदाहरण के रूप में पेश कर रही है। सरकार के अनुसार खेल में उपलब्धि हासिल करने वाले युवाओं को सम्मान के साथ रोजगार देने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने पर जोर है।
470 नई नियुक्तियों के साथ 866 अन्य खिलाड़ियों की भर्ती प्रक्रिया का दावा यह संकेत देता है कि यूपी पुलिस में खेल कोटे के जरिए नियुक्तियों का दायरा आगे भी बढ़ सकता है।
