general

लातूर में किसान की मौत से चिंता बढ़ी, फसल खराब होने के बाद ₹1.90 लाख के कर्ज का दावा

महाराष्ट्र के लातूर जिले के पालशी गांव में 60 वर्षीय किसान जीवन गव्हाणे का शव उनके खेत में पेड़ से लटका मिला। परिवार का दावा है कि फसल खराब होने के कारण उन पर करीब 1.90 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है और मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। लातूर में कुछ ही दिनों के भीतर किसान की मौत का यह दूसरा मामला सामने आने से सूखे, फसल नुकसान और किसानों पर बढ़ते आर्थिक दबाव को लेकर चिंता बढ़ गई है।

Kashish Rai09 अक्टू. 2026, 03:44 PM IST
खबर शेयर करें:
लातूर में किसान की मौत से चिंता बढ़ी, फसल खराब होने के बाद ₹1.90 लाख के कर्ज का दावा

महाराष्ट्र के लातूर जिले में खेती और फसल नुकसान से जुड़ा एक और दुखद मामला सामने आया है। रेनापुर तहसील के पालशी गांव में 60 वर्षीय किसान जीवन गव्हाणे का शव उनके खेत में एक पेड़ से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। शुरुआती जानकारी के अनुसार, किसान के परिवार ने फसल खराब होने और कर्ज के बढ़ते बोझ को उनकी परेशानी का कारण बताया है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौत की वास्तविक वजह अभी सामने नहीं आई है।


परिवार के मुताबिक, जीवन गव्हाणे पर करीब 1.90 लाख रुपये का कर्ज था। इसमें लगभग 90 हजार रुपये एक निजी बैंक से लिए गए थे, जबकि करीब एक लाख रुपये साहूकार से उधार लिए गए थे। परिवार का कहना है कि फसल खराब होने के कारण आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती गई और कर्ज चुकाने का दबाव बढ़ता गया। हालांकि, इन परिस्थितियों और किसान की मौत के बीच संबंध की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब महाराष्ट्र के कई इलाकों में बारिश की कमी और फसल खराब होने की समस्या किसानों के लिए चुनौती बनी हुई है। खेती पर निर्भर परिवारों की आय प्रभावित होने से कृषि खर्च, कर्ज की किस्तों और घरेलू जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो सकता है। लातूर जिले में भी बारिश और फसल की स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इसी सप्ताह रेनापुर क्षेत्र में 44 वर्षीय किसान सुभाष कुऱ्हाडे की मौत का मामला भी सामने आया था। उनके परिवार ने भी फसल नुकसान और सूखे को लेकर उनकी परेशानी की जानकारी दी थी। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने किसानों की आर्थिक स्थिति, कृषि संकट और ग्रामीण परिवारों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने की जरूरत पर सवाल खड़े किए हैं।जीवन गव्हाणे की मौत के मामले में रेनापुर पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल मौत की वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। यह घटना किसानों के आर्थिक दबाव और ग्रामीण संकट पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत को रेखांकित करती है।