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फ्रैंकफर्ट-दिल्ली एअर इंडिया फ्लाइट में हाईजैक अलर्ट से हड़कंप, जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग; पायलट की गलती की आशंका

जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI2030 को सुरक्षा अलर्ट के बाद जयपुर डायवर्ट किया गया। शुरुआती रिपोर्टों में स्क्वॉक 7500 कोड सक्रिय होने की बात सामने आई। विमान सुरक्षित उतरा और यात्रियों की सुरक्षा जांच की गई। अब शुरुआती संकेतों में अलर्ट गलती से सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि जांच के अंतिम निष्कर्ष का इंतजार है।

Kalpana Gautam14 अक्टू. 2026, 01:58 PM IST
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फ्रैंकफर्ट-दिल्ली एअर इंडिया फ्लाइट में हाईजैक अलर्ट से हड़कंप, जयपुर में इमरजेंसी लैंडिंग; पायलट की गलती की आशंका

जयपुर/नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2026: जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से भारत की राजधानी दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में सुरक्षा अलर्ट मिलने के बाद विमान को जयपुर डायवर्ट कर दिया गया। इस घटना के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। राहत की बात यह रही कि विमान ने जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की और यात्रियों तथा चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित उतारा गया।


मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह विमान बोइंग 787 ड्रीमलाइनर था और इसकी फ्लाइट संख्या AI2030 थी। विमान को जयपुर में आइसोलेशन बे में ले जाया गया, जहां केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), स्थानीय पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने विमान तथा यात्रियों के सामान की जांच की।

क्या था स्क्वॉक 7500 अलर्ट?

शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया कि विमान से स्क्वॉक 7500 कोड प्रसारित हुआ था। विमानन क्षेत्र में इस कोड का इस्तेमाल विमान के अपहरण या किसी अन्य गैरकानूनी हस्तक्षेप की स्थिति का संकेत देने के लिए किया जाता है। ऐसे संकेत को गंभीरता से लेते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल और सुरक्षा एजेंसियां निर्धारित आपातकालीन प्रक्रियाएं अपनाती हैं। हालांकि, इस कोड के सामने आने का मतलब अपने आप यह नहीं है कि विमान का वास्तव में अपहरण हुआ था। इस मामले में भी किसी वास्तविक हाईजैक की पुष्टि नहीं हुई है।

पायलट की गलती से सक्रिय हुआ था अलर्ट?

14 अक्टूबर को प्रकाशित Gulf News की अपडेटेड रिपोर्ट के मुताबिक, जयपुर एयरपोर्ट के प्रमुख चरण सिंह ने The Indian Express को बताया कि शुरुआती संकेतों से अलर्ट गलती से सक्रिय होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि घटना की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। दूसरी ओर, शुरुआती मीडिया रिपोर्टों में बम की धमकी और हाईजैक की आशंका को लेकर अलग-अलग जानकारियां सामने आई थीं। NDTV ने बाद में बम की धमकी को फर्जी बताया और कहा कि सुरक्षा जांच के बाद यात्रियों तथा चालक दल को सुरक्षित उतरने दिया गया।

जांच के नतीजे पर टिकी नजरें

फिलहाल सबसे अहम सवाल यह है कि विमान से सुरक्षा अलर्ट किस परिस्थिति में जारी हुआ और क्या यह तकनीकी या मानवीय गलती का परिणाम था। जांच पूरी होने के बाद ही इसकी वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।