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लद्दाख में विकास की नई उड़ान! PM मोदी ने लद्दाख को दी ₹3,350 करोड़ की सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख में ₹3,350 करोड़ की 5 विकास परियोजनाओं को समर्पित किया। इनमें एयरपोर्ट, सड़क, बिजली और जल संरक्षण से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं, जिनसे क्षेत्र में कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

Neha Sharma15 अक्टू. 2026, 04:10 PM IST
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लद्दाख में विकास की नई उड़ान! PM मोदी ने लद्दाख को दी ₹3,350 करोड़ की सौगात

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में लगभग ₹3,350 करोड़ की पांच प्रमुख विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं राष्ट्र को समर्पण किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में सड़क और हवाई संपर्क को बेहतर बनाना, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करना, प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना तथा जल उपलब्धता में सुधार करना है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इन परियोजनाओं का शुभारंभ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया।


लेह एयरपोर्ट के नए टर्मिनल से बढ़ेगी यात्री क्षमता

परियोजनाओं में लेह स्थित कुशोक बकुला रिनपोछे हवाई अड्डे का नया यात्री टर्मिनल प्रमुख है। लगभग ₹640 करोड़ की लागत से निर्मित यह टर्मिनल करीब 23,800 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है और प्रतिवर्ष 35 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है। इसमें ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए भू-तापीय ऊर्जा तकनीक का भी प्रावधान किया गया है। इससे लद्दाख में पर्यटन और हवाई संपर्क को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


298 किलोमीटर लंबी रणनीतिक सड़क से कनेक्टिविटी मजबूत

प्रधानमंत्री ने 298 किलोमीटर लंबी निम्मू-पदुम-दरचा सड़क भी राष्ट्र को समर्पित की। सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा निर्मित यह मार्ग लेह के निम्मू को हिमाचल प्रदेश के दरचा से जोड़ता है और जांस्कर घाटी से होकर गुजरता है।

यह सड़क श्रीनगर-लेह और मनाली-लेह राजमार्गों के अतिरिक्त लद्दाख के लिए एक वैकल्पिक संपर्क मार्ग उपलब्ध कराएगी। इससे स्थानीय निवासियों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और बाजारों तक पहुंचने में सुविधा होगी। साथ ही, सशस्त्र बलों के लिए सैनिकों और आवश्यक सामग्री की आवाजाही भी अधिक सुगम हो सकेगी।


जलविद्युत और बिजली आपूर्ति को मिलेगा बढ़ावा

ऊर्जा क्षेत्र में 9 मेगावाट क्षमता वाली हानू लघु जलविद्युत परियोजना तथा 66 केवी की डबल-सर्किट दाह-हानू-खाल्त्सी ट्रांसमिशन लाइन शामिल हैं। इन परियोजनाओं से स्थानीय बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाने और लद्दाख की जलविद्युत क्षमता का उपयोग करने में मदद मिलेगी।


प्राचीन विरासत के संरक्षण की पहल

लेह के सिंधु घाट पर भारत का पहला पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क भी शुरू किया गया। पेट्रोग्लिफ प्राचीन चट्टानों पर उकेरी गई आकृतियां और चित्र होते हैं, जो क्षेत्र के इतिहास तथा मानव सभ्यता के विकास के महत्वपूर्ण प्रमाण हैं। इस पार्क का उद्देश्य इन ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण करना और जिम्मेदार विरासत पर्यटन को प्रोत्साहित करना है।


40 गांवों में जल संरक्षण की व्यवस्था

जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ‘प्रोजेक्ट हिम सरोवर’ के तहत 40 गांवों में 40 जल निकाय विकसित किए गए हैं। यह पहल बर्फ पिघलने और हिमनदों से मिलने वाले पानी को संरक्षित करके कृषि एवं सिंचाई के लिए आवश्यक समय पर उपलब्ध कराने में मदद करेगी।


विकास और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम

लद्दाख की भौगोलिक परिस्थितियों और कठिन मौसम को देखते हुए इन परियोजनाओं को क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बेहतर परिवहन, विश्वसनीय बिजली आपूर्ति, जल संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन तथा निवासियों के जीवन स्तर को लाभ मिलने की उम्मीद है।