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वाराणसी के पैगंबरपुर में अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाका, दो मंजिला मकान ढहा; 2 घायल
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सारनाथ थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर में अवैध पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हो गया। धमाके के कारण दो मंजिला मकान ढह गया और दो लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। मकान में कई वर्षों से अवैध रूप से पटाखे बनाने का काम चलने की बात सामने आई है।

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका होने से दो मंजिला मकान ढह गया। हादसा गुरुवार को सारनाथ थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर में हुआ। इस घटना में दो लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। धमाके की सूचना मिलते ही पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। जानकारी के मुताबिक, पैगंबरपुर स्थित एक मकान में कई वर्षों से अवैध रूप से पटाखे बनाने का काम चल रहा था। गुरुवार को अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद मकान भरभराकर गिर गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मकान में रखे ज्वलनशील पदार्थों के कारण धमाका होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल, हादसे में हुए नुकसान और मकान के मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की आशंका को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है। दिवाली से पहले पटाखों के निर्माण और बिक्री की गतिविधियां बढ़ने के बीच वाराणसी में हुई इस घटना ने अवैध पटाखा इकाइयों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिहायशी इलाकों में नियमों के विरुद्ध पटाखे बनाने का काम न केवल वहां काम करने वाले लोगों, बल्कि आसपास रहने वाले परिवारों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इस घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि मकान में कई वर्षों से कथित तौर पर अवैध पटाखा निर्माण चलने के बावजूद संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली और ऐसी गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। धमाके के कारणों, फैक्ट्री के संचालन और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद होगी।
