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मेरठ हत्याकांड: मुस्कान की बेटियों की पढ़ाई का खर्च उठाएंगे कवि दंपती, मां की फांसी टालने की अपील
मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद कवि दंपती सौरभ सुमन और अनामिका अंबर ने जेल में मुस्कान से मुलाकात की। दंपती ने उसकी दोनों बेटियों की पढ़ाई का खर्च आजीवन उठाने का ऐलान किया है। साथ ही अदालत से अपील की है कि बच्चियों के भविष्य को देखते हुए उनकी मां को तब तक फांसी न दी जाए, जब तक वे अपना जीवन खुद संभालने लायक न हो जाएं।

मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड में पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के बाद अब उनकी दोनों बेटियों के भविष्य को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इसी बीच मेरठ के मशहूर कवि दंपती सौरभ सुमन और अनामिका अंबर ने जेल में मुस्कान से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने दोनों बच्चियों की पढ़ाई का खर्च आजीवन उठाने की घोषणा की। साथ ही अदालत से अपील की कि बच्चियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनकी मां को तब तक फांसी न दी जाए, जब तक वे अपना जीवन खुद संभालने लायक न हो जाएं। अनामिका अंबर ने स्पष्ट किया कि मुस्कान ने जो अपराध किया है, वह गंभीर है और उसके लिए उसे सजा मिलनी चाहिए। वह उसके अपराध को माफ करने या सही ठहराने की मांग नहीं कर रही हैं। हालांकि, उनका कहना है कि इस मामले में दो बच्चियां ऐसी भी हैं, जिनका इस अपराध में कोई दोष नहीं है। ऐसे में सजा पर विचार करते समय उनके भविष्य को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
कवि दंपती ने बताया कि जेल में मुलाकात के दौरान मुस्कान डरी और सहमी हुई दिखाई दी। उसकी आंखों में आंसू थे और मृत्युदंड को लेकर भय नजर आ रहा था। अनामिका अंबर के मुताबिक, मुस्कान अपनी बच्चियों के भविष्य को लेकर भी चिंतित दिखाई दी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मुस्कान के मन में वास्तव में क्या चल रहा था, इस बारे में वह निश्चित रूप से कुछ नहीं कह सकतीं। सौरभ सुमन ने भी कहा कि मुस्कान की आंखों में आंसू और मौत की सजा को लेकर डर साफ दिखाई दे रहा था। सौरभ सुमन और अनामिका अंबर ने मुस्कान की दोनों बेटियों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाने का फैसला किया है। सौरभ सुमन ने कहा कि वे दोनों बच्चियों की पढ़ाई पर होने वाला पूरा खर्च आजीवन उठाने के लिए तैयार हैं। उनका उद्देश्य है कि बच्चियों को अच्छी शिक्षा मिले और उन्हें अपने भविष्य को बेहतर बनाने का अवसर मिल सके।
अनामिका अंबर ने बताया कि मुस्कान को मृत्युदंड सुनाए जाने की खबर सामने आने के बाद उनके मन में उसकी छोटी बच्ची की पढ़ाई और भविष्य को लेकर विचार आया था। उन्होंने तय किया था कि अगर मुस्कान से मुलाकात हुई, तो वे उसकी बच्चियों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाने की बात करेंगी। उन्होंने बताया कि एक बच्ची का जन्म जेल में भी हुआ है। ऐसे में दोनों बच्चियों के भविष्य की चिंता करना जरूरी है। दंपती का कहना है कि बच्चियों को उनके माता-पिता के कथित अपराध का खामियाजा नहीं भुगतना चाहिए। उन्हें अच्छी शिक्षा और बेहतर माहौल मिलना चाहिए, ताकि वे आगे चलकर अपने पैरों पर खड़ी हो सकें और अपना जीवन बेहतर तरीके से जी सकें। अनामिका अंबर ने अदालत से अपील की है कि बच्चियों के भविष्य को देखते हुए मुस्कान को तब तक फांसी न देने के पहलू पर विचार किया जाए, जब तक उसकी बेटियां इतनी बड़ी नहीं हो जातीं कि अपना जीवन खुद संभाल सकें। उनका कहना है कि बच्चियों के लिए उनकी मां केवल एक अपराधी नहीं, बल्कि मां भी है। मां से अलग होने का असर उनके जीवन पर पड़ सकता है।
हालांकि, अनामिका ने साफ किया कि उनकी अपील का मतलब मुस्कान के अपराध को सही ठहराना नहीं है। वह अपराध के लिए माफी नहीं मांग रही हैं, बल्कि उन दो बच्चियों के भविष्य को लेकर चिंता जता रही हैं, जिनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर बच्चियां मां के बिना अपना जीवन संभालने में सक्षम हो जाती हैं, तो सजा में देरी की जरूरत नहीं होनी चाहिए। जब अनामिका अंबर से पूछा गया कि क्या उन्होंने सौरभ राजपूत के परिवार से मुलाकात कर उनका दर्द जानने की कोशिश की, तो उन्होंने बताया कि वह सौरभ के परिवार से नहीं मिली हैं। जेल जाने का उनका उद्देश्य मुस्कान की दोनों बच्चियों की पढ़ाई और भविष्य को लेकर बात करना था। उन्होंने दोहराया कि सौरभ राजपूत के साथ जो हुआ, वह गंभीर अपराध था और उसमें किसी तरह की माफी नहीं होनी चाहिए।
अनामिका अंबर ने महिलाओं से अपील की कि वे रिश्तों से जुड़ी परेशानियों और अपनी इच्छाओं के बारे में स्पष्ट रूप से बात करें। यदि किसी रिश्ते में परेशानी है या वे किसी दूसरे व्यक्ति के साथ जीवन बिताना चाहती हैं, तो अपनी बात साफ तरीके से रखें। किसी भी परिस्थिति में ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए, जिससे किसी की जान चली जाए और कई लोगों का जीवन बर्बाद हो जाए। कवि दंपती की इस पहल का मुख्य उद्देश्य मुस्कान की दोनों बेटियों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित भविष्य देना है। उन्होंने उनकी पढ़ाई का खर्च आजीवन उठाने की घोषणा की है। वहीं, मां की फांसी टालने को लेकर की गई अपील पर आगे क्या होगा, यह न्यायिक प्रक्रिया और अदालत के फैसले पर निर्भर करेगा।
