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शिक्षक दिवस पर 48 शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार, राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी सम्मानित l

शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के 48 उत्कृष्ट स्कूल शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित करेंगी। पुरस्कार समारोह 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया जाएगा। इन 48 शिक्षकों का चयन जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तीन चरणों वाली पारदर्शी ऑनलाइन चयन प्रक्रिया के जरिए किया गया है। चयनित शिक्षकों में 26 पुरुष और 22 महिलाएं शामिल हैं। ये शिक्षक 27 राज्यों, 7 केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के 6 संगठनों से चुने गए हैं।

Kashish Rai22 अग. 2026, 06:57 PM IST
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शिक्षक दिवस पर 48 शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार, राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी सम्मानित l

शिक्षक दिवस 2026 देशभर के उन शिक्षकों के लिए खास होने जा रहा है, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 48 स्कूल शिक्षकों को सम्मानित करेंगी। शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से हर साल शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्तर का यह समारोह आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य देश के ऐसे उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपनी मेहनत, समर्पण और नवाचार के जरिए न केवल स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया, बल्कि अपने विद्यार्थियों के जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव डाला।


इस वर्ष राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए शिक्षकों से 15 जून 2026 से 20 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन सेल्फ-नॉमिनेशन आमंत्रित किए गए थे। इसके लिए शिक्षा मंत्रालय के निर्धारित पोर्टल के माध्यम से आवेदन लिए गए। इसके बाद शिक्षकों का चयन एक विस्तृत और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया गया। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चयन प्रक्रिया को तीन चरणों में पूरा किया गया। इसमें जिला स्तर, राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षकों के कार्यों और योगदान का मूल्यांकन किया गया। इसी प्रक्रिया के बाद कुल 48 शिक्षकों का अंतिम चयन किया गया है। चयनित 48 शिक्षक देश के अलग-अलग हिस्सों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनमें 27 राज्य, 7 केंद्र शासित प्रदेश और केंद्र सरकार के 6 संगठन शामिल हैं। चयनित शिक्षकों में 26 पुरुष और 22 महिला शिक्षक हैं। इस तरह इस वर्ष पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों में महिलाओं की भी महत्वपूर्ण भागीदारी है।


पुरस्कार समारोह में प्रत्येक शिक्षक के उत्कृष्ट कार्य को भी सामने लाया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान हर पुरस्कार विजेता शिक्षक के कार्य पर आधारित एक छोटा डॉक्यूमेंट्री वीडियो प्रदर्शित किया जाएगा। इन डॉक्यूमेंट्री के जरिए शिक्षकों द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों, उनके नवाचारों और विद्यार्थियों के लिए किए गए प्रयासों को दर्शाया जाएगा। इस वर्ष पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षक शामिल हैं। महाराष्ट्र से डॉ. कविता नरसिंगराव गिट्टे, सुश्री कुंडा जयवंत बाछव, जबकि उत्तर प्रदेश से डॉ. रेनू त्रिपाठी, डॉ. इफ्तिखार खान और सुश्री शालिनी कुशवाहा का चयन किया गया है।


मध्य प्रदेश से डॉ. अर्चना शुक्ला और श्री शैलेंद्र प्रताप सिंह को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है। बिहार से सुश्री खुशबू कुमारी और सुश्री पुष्पा प्रसाद को सम्मान के लिए चयनित किया गया है। राजस्थान से डॉ. दिव्येंदु सेन और डॉ. वर्तिका गुलाटी का चयन हुआ है। इसके अलावा दिल्ली से सुश्री सुमन गोयल, हरियाणा से श्री अनिल कौशिक, गुजरात से श्री नितिनकुमार महेंद्रकुमार पाठक, कर्नाटक से सुश्री रत्नाकुमारी एस, केरल से श्री सुनील कुमार केपी, ओडिशा से श्री पदराज उमाकांता नायक, पंजाब से श्री दिनेश कुमार और तमिलनाडु से श्री थंगा राज एम पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों में शामिल हैं। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार की सूची में केंद्रीय संगठनों के स्कूलों से चुने गए शिक्षक भी शामिल हैं। केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति, एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल और रक्षा मंत्रालय के अधीन सैनिक स्कूलों से भी शिक्षकों का चयन किया गया है।


इनमें केंद्रीय विद्यालय संगठन से सुश्री अमुथा जे और डॉ. मनीषा खेत्रपाल, नवोदय विद्यालय समिति से श्री वैभव वसंतराव कुलकर्णी और रक्षा मंत्रालय के अधीन सैनिक स्कूल से श्री शिवप्रसाद अरविंद तिंगारे शामिल हैं। इसी तरह जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल से मोहम्मद जफर आलम को भी पुरस्कार के लिए चुना गया है। पुरस्कारों के लिए चुने गए शिक्षकों का संबंध केवल बड़े शहरों या प्रमुख संस्थानों से नहीं है। सूची में सरकारी प्राथमिक विद्यालयों, माध्यमिक विद्यालयों, उच्च माध्यमिक विद्यालयों, सरकारी इंटर कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में कार्यरत शिक्षक भी शामिल हैं। इससे राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के जरिए जमीनी स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने वाले शिक्षकों को पहचान मिलने का संदेश जाता है।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार का उद्देश्य केवल शिक्षकों को सम्मानित करना नहीं, बल्कि स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने वाले अच्छे कार्यों और नवाचारों को पहचान देना भी है। ऐसे शिक्षक जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने, स्कूलों में सकारात्मक वातावरण तैयार करने और शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने के लिए काम किया है, उन्हें इस राष्ट्रीय मंच पर सम्मान दिया जाता है।


इस वर्ष के पुरस्कार समारोह का सीधा प्रसारण भी किया जाएगा। कार्यक्रम को दूरदर्शन और शिक्षा मंत्रालय के SWAYAM PRABHA चैनलों पर लाइव देखा जा सकेगा। इसके अलावा कार्यक्रम की लाइव स्ट्रीमिंग सरकारी वेबकास्ट प्लेटफॉर्म और शिक्षा मंत्रालय के विभिन्न सोशल मीडिया चैनलों के माध्यम से भी उपलब्ध होगी। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों की सूची किसी मेरिट क्रम में नहीं है। यानी सूची में शिक्षकों का क्रम उनकी रैंक या प्रदर्शन की प्राथमिकता को प्रदर्शित नहीं करता।

5 सितंबर को होने वाला यह समारोह देशभर के शिक्षकों के योगदान को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान देने का अवसर होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 48 शिक्षकों को सम्मानित किए जाने के साथ उन शिक्षकों के प्रयासों को भी पहचान मिलेगी, जिन्होंने अपने समर्पण और मेहनत से विद्यार्थियों की शिक्षा और उनके भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।