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अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी टोटल गैस समेत 5 कंपनियों का SEBI से ₹1.50 करोड़ में सेटलमेंट, हिंडनबर्ग रिपोर्ट से जुड़े मामलों में कार्रवाई

अडानी समूह की पांच कंपनियों ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट से जुड़े SEBI मामलों में कुल ₹1.508 करोड़ की सेटलमेंट राशि जमा कर कार्यवाही का निपटारा करा लिया है। SEBI ने 22 सितंबर 2026 के आदेश में बताया कि कंपनियों ने आरोपों को स्वीकार या खारिज किए बिना मामले का सेटलमेंट किया है।

Sonali26 सित. 2026, 03:04 PM IST
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अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी टोटल गैस समेत 5 कंपनियों का SEBI से ₹1.50 करोड़ में सेटलमेंट, हिंडनबर्ग रिपोर्ट से जुड़े मामलों में कार्रवाई


नई दिल्ली। 

अडानी समूह की पांच कंपनियों ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट में उठाए गए मुद्दों से संबंधित SEBI की नियामकीय कार्यवाही का सेटलमेंट कर दिया है। इन कंपनियों ने कुल ₹1.508 करोड़ की सेटलमेंट राशि जमा की है। SEBI के एडजुडिकेटिंग ऑफिसर जय सेबेस्टियन ने 22 सितंबर 2026 को सेटलमेंट आदेश पारित करते हुए पांचों कंपनियों के खिलाफ चल रही कार्यवाही का निपटारा कर दिया। सेटलमेंट में शामिल कंपनियों में अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड, अडानी टोटल गैस लिमिटेड, AWL एग्री बिजनेस लिमिटेड, अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड शामिल हैं। AWL एग्री बिजनेस पहले अडानी विल्मर और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस पहले अडानी ट्रांसमिशन के नाम से जानी जाती थी। SEBI की जांच में हिंडनबर्ग रिपोर्ट में उठाए गए कथित संबंधित पक्ष लेनदेन के खुलासे और कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े मुद्दों की जांच की गई थी। इसके अलावा SEBI के लिस्टिंग ऑब्लिगेशन एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स रेगुलेशन, 2015 और पुराने इक्विटी लिस्टिंग एग्रीमेंट के संभावित उल्लंघनों को भी जांच के दायरे में रखा गया था। अडानी एंटरप्राइजेज से जुड़े मामले में वित्त वर्ष 2013 की वार्षिक रिपोर्ट में अडानी एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड और वाकोडर इन्वेस्टमेंट लिमिटेड से जुड़े संबंधित पक्ष लेनदेन के कथित गैर-खुलासे का मुद्दा शामिल था। इसके अलावा कुछ ऑडिट और लिमिटेड-रिव्यू रिपोर्ट कथित तौर पर वैध पीयर रिव्यू सर्टिफिकेट के बिना हस्ताक्षरित किए जाने से संबंधित आरोप भी जांच का हिस्सा थे।


अन्य चार कंपनियों के खिलाफ भी निर्धारित वित्तीय अवधियों के लिए ऐसी ऑडिट और लिमिटेड-रिव्यू रिपोर्ट से जुड़े कथित अनुपालन उल्लंघनों को लेकर कार्यवाही शुरू की गई थी। इसके बाद पांचों कंपनियों ने तथ्यों और कानून के निष्कर्षों को स्वीकार या अस्वीकार किए बिना मामले को सेटल करने का प्रस्ताव रखा। कंपनियों ने SEBI के सेटलमेंट रेगुलेशन, 2018 के तहत आवेदन दायर किए। SEBI की इंटरनल कमेटी के साथ बैठकों के बाद कंपनियों ने संशोधित सेटलमेंट शर्तें पेश कीं। 29 जून 2026 को हाई पावर्ड एडवाइजरी कमेटी ने इन शर्तों पर विचार किया और पांचों कंपनियों के लिए अलग-अलग राशि की सिफारिश की। अडानी एंटरप्राइजेज के लिए ₹76.05 लाख, अडानी टोटल गैस और AWL एग्री बिजनेस के लिए ₹9.75-9.75 लाख, अडानी ग्रीन एनर्जी के लिए ₹45.50 लाख और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के लिए ₹9.75 लाख की राशि तय की गई। इन सभी राशियों का कुल योग ₹1.508 करोड़ है। SEBI के पूर्णकालिक सदस्यों के पैनल ने 13 अगस्त 2026 को इन सिफारिशों को स्वीकार किया। इसके बाद 20 अगस्त को डिमांड नोटिस जारी किए गए। कंपनियों ने 5 सितंबर को ईमेल के जरिए SEBI को राशि जमा किए जाने की जानकारी दी। रिकॉर्ड में भुगतान प्राप्त होने की पुष्टि के बाद नियामक ने कार्यवाही का निपटारा कर दिया। हालांकि, SEBI के आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि सेटलमेंट का मतलब भविष्य की नियामकीय कार्रवाई के अधिकार को पूरी तरह खत्म करना नहीं है। यदि सेटलमेंट प्रक्रिया के दौरान कंपनियों की ओर से दी गई कोई जानकारी बाद में गलत पाई जाती है, किसी शर्त या अंडरटेकिंग का उल्लंघन होता है या सेटलमेंट राशि तय करने में कोई विसंगति सामने आती है, तो SEBI संबंधित कार्यवाही को फिर से शुरू करने या नई प्रवर्तन कार्रवाई करने का अधिकार रखता है।

इस प्रकार, पांचों कंपनियों के खिलाफ मौजूदा एडजुडिकेशन कार्यवाही सेटलमेंट राशि प्राप्त होने के बाद समाप्त कर दी गई है, जबकि SEBI ने भविष्य की परिस्थितियों में अपने नियामकीय अधिकार सुरक्षित रखे हैं।