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Kotak Bank का शानदार प्रदर्शन, नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹4,212 करोड़ हुआ

Kotak Mahindra Bank ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया। बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 29.5% बढ़कर ₹4,212 करोड़ हो गया, जबकि शुद्ध ब्याज आय में भी अच्छी वृद्धि हुई। बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार और खराब कर्ज के लिए कम प्रावधानों ने नतीजों को मजबूती दी।

Neha Sharma26 अक्टू. 2026, 01:39 PM IST
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Kotak Bank का शानदार प्रदर्शन, नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹4,212 करोड़ हुआ

मुंबई: निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक Kotak Mahindra Bank ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर लगभग 29.5% बढ़कर ₹4,212 करोड़ हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक ने ₹3,253 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था। मजबूत लोन ग्रोथ, ब्याज आय में वृद्धि और खराब कर्ज के लिए कम प्रावधानों ने बैंक के नतीजों को सहारा दिया।


शुद्ध ब्याज आय में 16% की वृद्धि

बैंक की शुद्ध ब्याज आय (Net Interest Income या NII) में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। सितंबर 2026 में समाप्त तिमाही के दौरान NII सालाना आधार पर लगभग 15.7% बढ़कर ₹8,459 करोड़ पहुंच गई। पिछले साल की समान अवधि में यह करीब ₹7,311 करोड़ थी।

शुद्ध ब्याज आय बैंक की ब्याज से होने वाली कमाई और जमा पर दिए जाने वाले ब्याज के बीच का अंतर दर्शाती है। इसमें वृद्धि से बैंक के मुख्य कारोबार की मजबूती का संकेत मिलता है।


लोन ग्रोथ और कम प्रावधानों से मिला फायदा

बैंक के मुनाफे में वृद्धि के पीछे कर्ज की मांग और प्रावधानों में कमी की अहम भूमिका रही। संभावित खराब कर्ज के लिए किए जाने वाले प्रावधान सालाना आधार पर लगभग 15% घटकर ₹803 करोड़ रह गए। इसके अलावा, बैंक के शुद्ध अग्रिम यानी Net Advances में सालाना आधार पर लगभग 25% की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, इस वृद्धि में विदेशी मुद्रा जमा से जुड़े कर्ज और एक अधिग्रहीत लोन पोर्टफोलियो का भी योगदान रहा। इन कारकों को हटाकर देखें तो अग्रिमों की वृद्धि लगभग 19% रही।


एसेट क्वालिटी में सुधार

Kotak Mahindra Bank के लिए एक और सकारात्मक संकेत उसकी एसेट क्वालिटी में सुधार रहा। सितंबर 2026 के अंत में बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) अनुपात घटकर 1.04% पर आ गया, जबकि एक साल पहले यह 1.39% था। वहीं, नेट NPA अनुपात घटकर 0.24% रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 0.32% था। खराब कर्ज के अनुपात में गिरावट से बैंक के कर्ज पोर्टफोलियो की गुणवत्ता में सुधार का संकेत मिलता है।


नेट इंटरेस्ट मार्जिन में आई गिरावट

मुनाफे और ब्याज आय में वृद्धि के बावजूद बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में गिरावट दर्ज की गई। सितंबर तिमाही में NIM घटकर 4.31% रह गया, जबकि पिछली तिमाही में यह 4.53% था। बैंक ने बताया कि विदेशी मुद्रा अनिवासी बैंक जमा यानी FCNR(B) के माध्यम से बड़ी मात्रा में धन जुटाने का असर मार्जिन पर पड़ा। इससे संकेत मिलता है कि मजबूत लोन ग्रोथ के बावजूद फंडिंग लागत और ब्याज मार्जिन पर नजर रखना जरूरी होगा।


नतीजों के बाद शेयर में तेजी

बैंक के मजबूत तिमाही नतीजों के बाद सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को शुरुआती कारोबार में इसके शेयरों में तेजी देखी गई। बाजार रिपोर्टों के अनुसार, शेयर में लगभग 3% से अधिक की बढ़त दर्ज हुई। निवेशकों ने बेहतर मुनाफे, मजबूत शुद्ध ब्याज आय और एसेट क्वालिटी में सुधार को सकारात्मक रूप से लिया। हालांकि, शेयर की कीमत में कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव संभव है।


आगे क्या रहेगा अहम?

आने वाली तिमाहियों में निवेशकों की नजर बैंक की लोन ग्रोथ, जमा जुटाने की क्षमता, नेट इंटरेस्ट मार्जिन और खराब कर्ज के स्तर पर रहेगी। यदि बैंक अपनी एसेट क्वालिटी को मजबूत बनाए रखते हुए मार्जिन पर दबाव कम करने में सफल होता है, तो उसके वित्तीय प्रदर्शन को आगे भी समर्थन मिल सकता है। Kotak Mahindra Bank के दूसरी तिमाही के नतीजे मुनाफे, शुद्ध ब्याज आय और एसेट क्वालिटी के लिहाज से मजबूत रहे। हालांकि, NIM में गिरावट यह बताती है कि बैंक के लिए आगे लाभप्रदता और फंडिंग लागत के बीच संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।