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AI और कमजोर मांग के बीच Infosys ने घटाया रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान
Infosys ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान को घटाकर 1% से 2% कर दिया है। कंपनी के इस फैसले के पीछे वैश्विक बाजार में अनिश्चितता, ग्राहकों की सतर्क खर्च नीति और आईटी सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा जैसे कारण बताए गए हैं। AI सेवाओं में बढ़ती मांग और बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स से कंपनी को आगे अवसर मिलने की उम्मीद है, लेकिन कमजोर ग्रोथ आउटलुक ने निवेशकों का ध्यान खींचा है।

बेंगलुरु: देश की प्रमुख आईटी सेवा कंपनियों में शामिल Infosys ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान को घटाकर 1% से 2% कर दिया है। इससे पहले कंपनी ने राजस्व में 1.5% से 3% तक वृद्धि का अनुमान दिया था। कंपनी ने यह संशोधन वैश्विक बाजार में अनिश्चितता, ग्राहकों की सतर्क खर्च नीति और आईटी सेवाओं के क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच किया है।
दूसरी तिमाही में कैसा रहा Infosys का प्रदर्शन?
Infosys ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान ₹49,244 करोड़ का राजस्व दर्ज किया। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले लगभग 10.7% अधिक है। वहीं, कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 6.2% बढ़कर ₹7,823 करोड़ रहा। हालांकि, मुनाफे में वृद्धि बाजार के कुछ विश्लेषकों की उम्मीदों से कम रही। कंपनी के अनुसार, स्थिर मुद्रा यानी Constant Currency आधार पर दूसरी तिमाही में राजस्व वृद्धि सालाना आधार पर 1.5% रही। यह संकेत देता है कि रिपोर्टेड राजस्व में वृद्धि के बावजूद कंपनी के वास्तविक कारोबारी विस्तार की रफ्तार सीमित बनी हुई है।
AI और प्रतिस्पर्धा बनी चुनौती
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आईटी सेक्टर के लिए अवसरों के साथ नई चुनौतियां भी लेकर आया है। AI टूल्स की मदद से कंपनियां कम समय और कम संसाधनों में अधिक काम कर पा रही हैं। इसके कारण कई ग्राहक आईटी सेवा प्रदाताओं से अधिक उत्पादकता और कम लागत की मांग कर रहे हैं, जिससे पारंपरिक आईटी सेवाओं की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। Infosys ने यह भी संकेत दिया है कि कुछ प्रमुख क्षेत्रों में ग्राहकों का खर्च कमजोर रहने से कारोबार की वृद्धि प्रभावित हो रही है। विशेष रूप से रिटेल और हाई-टेक क्षेत्रों में मांग की कमजोरी कंपनी के प्रदर्शन पर असर डाल रही है। इसके अलावा, बड़े कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा भी कंपनियों के लिए चुनौती बनी हुई है।
बड़े सौदों से मिली उम्मीद
रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान घटाने के बावजूद Infosys ने दूसरी तिमाही में बड़े सौदों के मोर्चे पर अच्छा प्रदर्शन किया। कंपनी ने इस दौरान कुल 5.2 अरब डॉलर के बड़े सौदे हासिल किए, जिनमें से 62% हिस्सा नए कारोबार से संबंधित था। कंपनी ने बताया कि AI से जुड़ा राजस्व तिमाही-दर-तिमाही 29% बढ़ा और कुल राजस्व में इसकी हिस्सेदारी 10.5% रही। यह प्रदर्शन बताता है कि AI सेवाओं में मांग बढ़ रही है, हालांकि अभी इसका असर कंपनी की कुल राजस्व वृद्धि को तेज करने के लिए पर्याप्त नहीं दिख रहा है।
ऑपरेटिंग मार्जिन का अनुमान बरकरार
Infosys ने राजस्व वृद्धि का अनुमान घटाया है, लेकिन वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपना ऑपरेटिंग मार्जिन लक्ष्य 20% से 22% पर बरकरार रखा है। कंपनी लागत नियंत्रण और परिचालन दक्षता के जरिए लाभप्रदता बनाए रखने पर ध्यान दे रही है।
शेयर बाजार में Infosys के शेयरों पर दबाव
राजस्व वृद्धि के अनुमान में कटौती के बाद सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को शुरुआती कारोबार में Infosys के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती कारोबार में शेयर लगभग 2.7% तक नीचे आए। निवेशकों की चिंता का प्रमुख कारण कंपनी का कमजोर ग्रोथ आउटलुक और AI के कारण आईटी सेवा कारोबार में बदलती प्रतिस्पर्धा रही।
आगे क्या रहेगा अहम?
आने वाले महीनों में Infosys के प्रदर्शन पर ग्राहकों के आईटी खर्च, नए कॉन्ट्रैक्ट्स को राजस्व में बदलने की गति, AI सेवाओं की मांग और कीमतों पर प्रतिस्पर्धी दबाव का असर रहेगा। कंपनी के सामने चुनौती यह होगी कि वह AI से जुड़े नए अवसरों का लाभ उठाते हुए अपने पारंपरिक आईटी सेवा कारोबार की वृद्धि को भी मजबूत करे।Infosys द्वारा FY27 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान को 1–2% तक घटाना आईटी सेक्टर में बनी अनिश्चितता को दर्शाता है। हालांकि, बड़े सौदों और AI सेवाओं में वृद्धि से कंपनी को आगे अवसर मिल सकते हैं, लेकिन मजबूत और स्थायी राजस्व वृद्धि हासिल करना फिलहाल एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
