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जियो प्लेटफॉर्म्स IPO को पहले दिन मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स, 100 मिनट में फुल सब्सक्राइब
मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को पहले दिन निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की भारी मांग के चलते यह आईपीओ खुलने के करीब 100 मिनट में पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। कंपनी इस इश्यू के जरिए 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। आईपीओ का प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर रखा गया है।

मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ खुलते ही शेयर बाजार में चर्चा का विषय बन गया है। पहले दिन इस इश्यू को निवेशकों की ओर से शानदार प्रतिक्रिया मिली। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की मजबूत मांग के चलते आईपीओ खुलने के करीब 100 मिनट में ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। इसके साथ ही यह भारत के सबसे तेजी से सब्सक्राइब होने वाले बड़े आईपीओ में शामिल हो गया है। निवेशक इस आईपीओ में 23 अक्टूबर तक बोली लगा सकते हैं। आईपीओ के पहले दिन दोपहर 3:30 बजे तक QIB कैटेगरी को 8.01 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) की कैटेगरी 1.41 गुना सब्सक्राइब हुई। रिटेल निवेशकों की कैटेगरी में 0.64 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया। इसके अलावा, कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्से को 1.21 गुना और शेयरधारकों की कैटेगरी को 1.23 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इन आंकड़ों से साफ है कि पहले दिन संस्थागत निवेशकों की ओर से सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई गई।
जियो प्लेटफॉर्म्स इस आईपीओ के जरिए बाजार से कुल 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी ने प्रति शेयर 1,065 से 1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। आईपीओ का लॉट साइज 12 शेयरों का है। इस इश्यू में ऑफर फॉर सेल (OFS) के बजाय नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसके तहत कंपनी कुल 27 करोड़ नए शेयर निवेशकों के लिए पेश कर रही है। कंपनी की योजना आईपीओ से जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा अपनी दूरसंचार सहायक कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज को चुकाने या समय से पहले भुगतान करने में इस्तेमाल करने की है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इसके लिए 27,500 करोड़ रुपये तक की राशि निर्धारित की गई है। शेष रकम का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को मिली शुरुआती प्रतिक्रिया ने भारतीय प्राथमिक बाजार में इसकी अहमियत बढ़ा दी है। इससे पहले हुंडई मोटर इंडिया का 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ देश के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल था। जियो प्लेटफॉर्म्स के इश्यू को संस्थागत निवेशकों से मिली तेज प्रतिक्रिया ने बड़े आईपीओ के बीच इसकी चर्चा बढ़ा दी है। हालांकि, आईपीओ में निवेश करने से पहले निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, जोखिम और अपने निवेश उद्देश्यों का आकलन करना चाहिए।
