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हैदराबाद में फर्जी डॉक्टर का भंडाफोड़, 12वीं पास युवक चला रहा था क्लिनिक
हैदराबाद के गोलकोंडा इलाके में पुलिस ने 23 वर्षीय युवक को कथित तौर पर बिना मान्यता प्राप्त मेडिकल योग्यता और लाइसेंस के मरीजों का इलाज करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी 12वीं पास है और एक हेल्थ सेंटर चला रहा था। छापेमारी में बिना लेबल वाली दवाएं, प्रिस्क्रिप्शन बुक और अन्य सामग्री बरामद होने का दावा किया गया है।

हैदराबाद: तेलंगाना के हैदराबाद में पुलिस ने एक 23 वर्षीय युवक को कथित तौर पर बिना मान्यता प्राप्त मेडिकल योग्यता और लाइसेंस के मरीजों का इलाज करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। मामला गोलकोंडा इलाके के मोहल्ला गुंज स्थित हिकमा सेहत केयर सेंटर से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान मोहम्मद अदनान के रूप में हुई है और उसने इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की है।
22 सितंबर को हुई छापेमारी
पुलिस के अनुसार, कमिश्नर टास्क फोर्स की गोलकोंडा टीम ने गोलकोंडा पुलिस के साथ मिलकर 22 सितंबर को हेल्थ सेंटर पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान अदनान को पकड़ा गया। पुलिस का आरोप है कि उसके पास मरीजों का इलाज करने के लिए आवश्यक मान्यता प्राप्त मेडिकल योग्यता या वैध लाइसेंस नहीं था।
कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, सेंटर पर सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, शरीर में तेज दर्द, किडनी और पेशाब से जुड़ी समस्याओं, बार-बार उल्टी तथा यौन स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों समेत कई तरह की शिकायतों का इलाज किए जाने का आरोप है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सेंटर पर कितने समय से इस तरह मरीजों का इलाज किया जा रहा था।
बिना लेबल वाली दवाइयां बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई बिना लेबल वाली दवाइयां और पाउडर, प्रिस्क्रिप्शन बुक और प्रचार से जुड़ी सामग्री बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार कुछ बोतलों और पैकेटों पर केवल कोड लिखे हुए थे। इसके अलावा सेंटर से सोशल मीडिया प्रचार से संबंधित सामग्री भी मिली।
मां और भाई भी आरोपी, दोनों फरार
पुलिस ने इस मामले में अदनान की मां सबा खान उर्फ मोहम्मदी बेगम और भाई मोहम्मद फैजान को भी आरोपी बनाया है। पुलिस के मुताबिक दोनों फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस सेंटर के संचालन और मरीजों के इलाज में उनकी कथित भूमिका की भी जांच कर रही है।
2023 से सेंटर से जुड़ा था आरोपी
पुलिस के मुताबिक अदनान वर्ष 2023 से इस सेंटर से जुड़ा था। जांच में एक BUMS योग्य यूनानी चिकित्सक से उसके संपर्क की बात भी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि उक्त चिकित्सक कभी-कभी सेंटर पर आता था, जबकि बाकी समय अदनान और उसके परिवार के सदस्य कथित तौर पर मरीजों का इलाज करते थे। इस पहलू की भी जांच जारी है।
किन धाराओं में मामला दर्ज?
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी, लोगों की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने और साझा मंशा से संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अब सेंटर की गतिविधियों, बरामद सामग्री और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच व कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।
