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12 हजार जांच, 5,269 नोटिस और 603 लाइसेंस सस्पेंड, महाराष्ट्र FDA की बड़ी कार्रवाई

मुंबई: महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर FDA ने पिछले तीन महीनों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। जून से अगस्त 2026 के बीच विभाग ने 12,083 निरीक्षण किए, 5,269 सुधार नोटिस जारी किए और 603 खाद्य लाइसेंस निलंबित किए। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी कई कमियां सामने आईं। FDA ने 644 FIR भी दर्ज कीं और खाद्य व अन्य जब्त स्टॉक की कुल कीमत करीब ₹67.20 करोड़ बताई गई है। विभाग की निगरानी में एंटीबायोटिक के दुरुपयोग और असुरक्षित खाद्य प्रथाएं भी शामिल हैं।

Neha Sharma30 सित. 2026, 05:39 PM IST
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12 हजार जांच, 5,269 नोटिस और 603 लाइसेंस सस्पेंड, महाराष्ट्र FDA की बड़ी कार्रवाई

मुंबई: महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर राज्य के Food and Drug Administration (FDA) ने पिछले तीन महीनों में बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। जून से अगस्त 2026 के बीच FDA ने राज्यभर में 12,083 निरीक्षण किए। इस दौरान नियमों का पालन नहीं करने वाले खाद्य कारोबारियों को 5,269 सुधार नोटिस जारी किए गए, जबकि 603 लाइसेंस निलंबित किए गए। FDA की कार्रवाई का फोकस होटल, रेस्तरां, डेयरी, खाद्य निर्माण और बिक्री से जुड़े प्रतिष्ठानों में स्वच्छता, खाद्य भंडारण, लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन पर रहा।


12 हजार से ज्यादा प्रतिष्ठानों की जांच

FDA के आंकड़ों के मुताबिक, तीन महीनों में 12,083 निरीक्षण किए गए। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे प्रतिष्ठान सामने आए जहां खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। करीब 5,269 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस दिए गए। इन नोटिसों का उद्देश्य संबंधित प्रतिष्ठानों को सामने आई कमियों को दूर करने और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश देना था।


603 लाइसेंस निलंबित

जांच के दौरान गंभीर नियम उल्लंघन पाए जाने पर FDA ने 603 खाद्य कारोबार लाइसेंस निलंबित किए। रिपोर्ट के अनुसार, कार्रवाई में होटल और रेस्तरां के अलावा दूध एवं डेयरी क्षेत्र भी शामिल रहा। पुणे क्षेत्र में सबसे अधिक 4,261 निरीक्षण दर्ज किए गए और वहां 168 लाइसेंस निलंबित किए गए। इसके बाद कोंकण क्षेत्र में 3,142 निरीक्षण और 108 निलंबन, जबकि मुंबई में 1,451 निरीक्षण और 121 लाइसेंस निलंबन दर्ज किए गए।


गंदगी से लेकर गलत खाद्य भंडारण तक कई खामियां

FDA की जांच में कई तरह की खाद्य सुरक्षा संबंधी कमियां सामने आईं। इनमें साफ पानी और ड्रेनेज की व्यवस्था का अभाव, कोल्ड-चेन में खामियां, गलत तापमान पर खाद्य पदार्थों का भंडारण और कॉकरोच का संक्रमण शामिल था। कुछ प्रतिष्ठानों में कच्चे मांस को खुले कंटेनरों में रखने और कटी हुई सब्जियों को बिना ढके रखने जैसी समस्याएं भी पाई गईं। खाद्य कर्मचारियों की स्वच्छता, मेडिकल जांच और प्रशिक्षण से जुड़े रिकॉर्ड में भी कमियां सामने आईं।


₹67 करोड़ से ज्यादा का खाद्य स्टॉक जब्त

FDA की इस कार्रवाई में अलग-अलग प्रकार के खाद्य और प्रतिबंधित उत्पादों का स्टॉक भी जब्त किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, कुल जब्त खाद्य स्टॉक की कीमत करीब ₹67.20 करोड़ बताई गई है। इसके अलावा प्रतिबंधित पान मसाला और गुटखा जैसे उत्पादों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। FDA ने इस अवधि में 644 FIR दर्ज किए और सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया।


एंटीबायोटिक के गलत इस्तेमाल पर भी नजर

FDA की कार्रवाई सिर्फ खाद्य स्वच्छता तक सीमित नहीं है। विभाग ने एंटीबायोटिक के दुरुपयोग और खाद्य सुरक्षा से जुड़े अन्य जोखिमों पर भी निगरानी बढ़ाई है। FDA का कहना है कि खाद्य सुरक्षा को केवल मिलावट या खराब भोजन की समस्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह व्यापक जन स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है।


शिकायतों में भी बड़ा इजाफा

FDA को मिलने वाली शिकायतों की संख्या में भी इस अवधि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। रिपोर्ट के अनुसार, 1 जून से 31 अगस्त 2026 के बीच FDA के पोर्टल और टोल-फ्री हेल्पलाइन के माध्यम से 9,764 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 6,109 शिकायतों का निपटारा किया गया, जबकि 3,655 शिकायतें उस समय लंबित थीं।


क्या है इस कार्रवाई का उद्देश्य?

FDA की इस कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य कारोबारियों को Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत निर्धारित नियमों का पालन करवाना और खाद्य पदार्थों की स्वच्छता एवं सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करना है। राज्य में लाखों पंजीकृत खाद्य कारोबारियों की निगरानी के लिए FDA की क्षमता पर भी सवाल उठते रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, विभाग के पास करीब 12.5 लाख पंजीकृत food business operators के लिए लगभग 350 food safety अधिकारियों का स्टाफ है। विभाग ने अतिरिक्त अधिकारियों की भर्ती का प्रस्ताव भी रखा है।