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महाराष्ट्र में Baby Food के प्रचार पर रोक, कंपनियों के लिए नए नियम

मुंबई: महाराष्ट्र FDA ने Infant Formula, Baby Food और Feeding Bottles की बिक्री और Marketing को लेकर नियम सख्त कर दिए हैं। नए निर्देशों के तहत Free Samples, Gifts, Cashback, Coupons और Influencer Promotions जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। कंपनियों, अस्पतालों, फार्मेसियों और E-commerce Platforms को नियमों का पालन करना होगा। उत्पादों की Packaging पर “Mother’s Milk Is Best for Your Baby” जैसे अनिवार्य संदेश और जरूरी चेतावनियां देने के निर्देश भी दिए गए हैं।

Neha Sharma30 सित. 2026, 05:40 PM IST
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महाराष्ट्र में Baby Food के प्रचार पर रोक, कंपनियों के लिए नए नियम

मुंबई: महाराष्ट्र में शिशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाले इंफैंट फॉर्मूला, बेबी फूड और फीडिंग बोतलों को लेकर राज्य Food and Drug Administration (FDA) ने नियमों को और सख्त कर दिया है। FDA ने इन उत्पादों के विज्ञापन, मुफ्त सैंपल, गिफ्ट, कैशबैक और Influencer Promotion पर रोक लगाते हुए कंपनियों, अस्पतालों, फार्मेसियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं।


यह आदेश FDA Commissioner तूकाराम मुंडे की ओर से जारी किया गया है और तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। इसके दायरे में Infant Milk Substitutes, Infant Formula, Follow-up Formula, Complementary Baby Food, Special Medical Purpose Foods और Feeding Bottles शामिल हैं।


पैकेट पर लिखना होगा 'Mother's Milk Is Best'

नए नियमों के तहत शिशु खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग के सामने प्रमुख रूप से यह संदेश देना अनिवार्य होगा:

“IMPORTANT NOTICE – MOTHER’S MILK IS BEST FOR YOUR BABY” इसके अलावा पैकेट पर इस्तेमाल की सही विधि, फीडिंग निर्देश और आवश्यक चेतावनियां भी देनी होंगी। Complementary Foods के मामले में यह स्पष्ट करना होगा कि उन्हें छह महीने की उम्र के बाद शुरू किया जाना चाहिए। पैकेजिंग पर शिशुओं या महिलाओं की तस्वीरों और “Humanised”, “Maternalised”, “Complete Food” तथा “Health Food” जैसे कुछ शब्दों/दावों के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई है।


Free Sample और Influencer Promotion पर रोक

FDA ने Infant Formula और Baby Food के प्रचार के लिए कई तरह की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया है। इनमें:

  • Free Samples
  • Gifts
  • Coupons
  • Cashback Offers
  • Discounts
  • Influencer Promotions
  • Social Media Promotions
  • E-commerce Promotions

शामिल हैं। यानी कंपनियां इन उत्पादों को सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म या अन्य माध्यमों से प्रचारित करने के लिए ऐसे Promotional Offers नहीं चला सकेंगी।


डॉक्टरों और अस्पतालों पर भी निगरानी

नियमों के तहत कंपनियों द्वारा डॉक्टरों, अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों को Sponsorship, Hospitality, Speaker Fees, Grants या अन्य लाभ देने की गतिविधियों पर भी रोक लगाई गई है, यदि उनका संबंध ऐसे उत्पादों के प्रचार या संबंधित कार्यक्रमों से है। FDA ने अस्पतालों और Pediatricians से शिशु खाद्य उत्पादों से जुड़े संदिग्ध Adverse Events की रिपोर्ट करने को भी कहा है। निर्माताओं को गंभीर adverse events की रिपोर्ट निर्धारित समयसीमा में देनी होगी।

Preservatives और Added Colours पर भी सख्ती

FDA के आदेश में Infant Food में Preservatives, Added Colours और Flavouring Substances के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध का उल्लेख है। Added Sugar से जुड़े दावों पर भी नियम लागू होंगे और भ्रामक “No Added Sugar” जैसे दावों की अनुमति नहीं होगी।


नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना

नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई का प्रावधान है। रिपोर्टों के अनुसार, भ्रामक विज्ञापन या बिना लाइसेंस कारोबार के मामलों में ₹10 लाख तक का जुर्माना, Substandard Food के लिए ₹5 लाख तक और Misbranding के लिए ₹3 लाख तक की खाद्य सुरक्षा संबंधी पेनल्टी हो सकती है। कुछ मामलों में Infant Milk Substitutes कानून के तहत जेल की सजा का भी प्रावधान है।


Human Milk की Commercial Sale पर भी रोक

FDA ने मानव दूध की व्यावसायिक बिक्री पर भी रोक को दोहराया है। निजी संस्थाओं द्वारा Human Milk को इकट्ठा करके ऑनलाइन बेचने की गतिविधियों को लेकर भी विभाग ने चिंता जताई है।


किन लोगों पर लागू होंगे नए नियम?

  • Manufacturers
  • Brand Owners
  • Importers
  • Distributors
  • Retailers
  • Pharmacies
  • Hospitals और Hospital Suppliers
  • E-commerce Platforms

शामिल हैं।


क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

महाराष्ट्र FDA के अनुसार, दो साल से कम उम्र के बच्चे अत्यधिक संवेदनशील उपभोक्ता हैं और वे खुद अपने भोजन का चुनाव नहीं कर सकते। ऐसे में उत्पाद की पैकेजिंग, सही जानकारी और प्रचार पर नियंत्रण को महत्वपूर्ण माना गया है। नए नियमों का उद्देश्य Infant Food Products की Labelling, Safety और Marketing Practices में अनुपालन सुनिश्चित करना है।