health

महाराष्ट्र में 58 लाख Electrocardiogram जांच, 34,032 गंभीर हार्ट अटैक के मामलों की पहचान

मुंबई: महाराष्ट्र के राज्यव्यापी Heart Health Programme के तहत पिछले सात वर्षों में करीब 58 लाख ECG जांच की गई हैं। इस दौरान 34,032 गंभीर हार्ट अटैक के मामलों की पहचान हुई, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। इस अभियान के तहत गांवों और छोटे स्वास्थ्य केंद्रों को बड़े अस्पतालों से जोड़ा गया है, जिससे ECG की रिपोर्ट विशेषज्ञ डॉक्टरों तक जल्दी पहुंचाई जा सके।

Neha Sharma30 सित. 2026, 07:26 PM IST
खबर शेयर करें:
महाराष्ट्र में 58 लाख Electrocardiogram जांच, 34,032 गंभीर हार्ट अटैक के मामलों की पहचान

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार के राज्यव्यापी STEMI प्रोजेक्ट के तहत पिछले सात वर्षों में करीब 58 लाख ECG जांच की गई हैं। सरकारी स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इन जांचों के दौरान 34,032 गंभीर हार्ट अटैक के मामलों की पहचान हुई, जिनमें मरीजों को जल्द इलाज की जरूरत थी।


क्या है यह अभियान?

महाराष्ट्र का STEMI प्रोजेक्ट हार्ट अटैक की जल्द पहचान और समय पर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इसके तहत सरकारी अस्पतालों, ग्रामीण अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ECG की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ECG की रिपोर्ट को तकनीक की मदद से विशेषज्ञ डॉक्टरों तक भेजा जाता है, जिससे हार्ट अटैक की स्थिति में मरीज का इलाज जल्द शुरू करने और जरूरत पड़ने पर उसे बड़े अस्पताल में भेजने में मदद मिलती है।


58 लाख से ज्यादा ECG जांच

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस कार्यक्रम के तहत अब तक 57,90,963 ECG किए जा चुके हैं। इनमें 34,032 गंभीर STEMI मामलों की पहचान हुई। STEMI एक गंभीर प्रकार का हार्ट अटैक है, जिसमें दिल तक खून पहुंचाने वाली नस में गंभीर रुकावट हो सकती है। ऐसे मामलों में समय पर इलाज बेहद महत्वपूर्ण होता है।


2025-26 में सबसे ज्यादा ECG जांच

आंकड़ों के अनुसार, कार्यक्रम के शुरुआती वर्षों की तुलना में ECG जांच की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है।

2025-26 में 23,39,578 ECG जांच की गईं और इनमें 13,097 गंभीर STEMI मामले सामने आए। वहीं, मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 में 27 सितंबर 2026 तक 15,38,558 ECG किए जा चुके थे और 8,401 गंभीर STEMI मामले सामने आए।


गांवों और छोटे अस्पतालों तक पहुंच

इस योजना में छोटे अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को बड़े अस्पतालों से जोड़ा गया है। इसे Hub-and-Spoke Model के तहत चलाया जाता है। इस व्यवस्था में ग्रामीण या जिला स्तर के स्वास्थ्य केंद्र मरीज की शुरुआती जांच करते हैं, जबकि जरूरत पड़ने पर मरीज को ऐसे बड़े अस्पताल में भेजा जाता है जहां कार्डियोलॉजिस्ट और दिल के इलाज की जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, इस नेटवर्क में 2,415 स्वास्थ्य केंद्र और 96 बड़े अस्पताल जुड़े हुए हैं। वर्ष 2025 में इसमें 179 अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र भी जोड़े गए थे।

 

समय पर इलाज पर जोर

हार्ट अटैक के मामले में इलाज शुरू करने में देरी मरीज के लिए गंभीर समस्या बन सकती है। इसी वजह से इस कार्यक्रम में ECG रिपोर्ट जल्दी विशेषज्ञ तक पहुंचाने और गंभीर मामलों में तत्काल इलाज या बड़े अस्पताल में रेफर करने पर जोर दिया जाता है। महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य हार्ट अटैक से होने वाली मौतों को कम करना और लोगों को समय पर आपातकालीन इलाज उपलब्ध कराना है।