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भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी, सेंसेक्स 252 अंक गिरा; निफ्टी 22,623 पर बंद
भारतीय शेयर बाजार बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को गिरावट के साथ बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 251.89 अंक गिरकर 72,781.89 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 में 0.44% की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,622.70 पर बंद हुआ। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और मुनाफावसूली से बाजार पर दबाव रहा। हालांकि, आईटी शेयरों में मजबूती देखने को मिली।

मुंबई, 14 अक्टूबर 2026: भारतीय शेयर बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 251.89 अंक यानी 0.34 प्रतिशत गिरकर 72,781.89 पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 में 99.25 अंकों यानी 0.44 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,622.70 पर बंद हुआ। वैश्विक अनिश्चितताओं, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से बाजार की धारणा प्रभावित हुई।
मंगलवार को बाजार में आई तेज रिकवरी के बाद बुधवार को निवेशकों ने मुनाफावसूली की। इसके चलते कारोबार के दौरान प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बना रहा। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली फिलहाल भारतीय शेयर बाजार के लिए प्रमुख चिंताएं बनी हुई हैं।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई चिंता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से निवेशकों की चिंता बढ़ी है। भू-राजनीतिक तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल की कीमत लगभग 106 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है, इसलिए कीमतों में बढ़ोतरी से आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव पड़ सकता है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाए रखा। विदेशी पूंजी की निकासी से निवेशकों का भरोसा प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा, वैश्विक ब्याज दरों और आर्थिक परिस्थितियों को लेकर अनिश्चितता के कारण निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।
आईटी शेयरों में तेजी, फार्मा और वित्तीय शेयरों में दबाव
बाजार में गिरावट के बावजूद सभी सेक्टरों में कमजोरी नहीं रही। आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली और निफ्टी आईटी इंडेक्स में लगभग 1.1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, फार्मा शेयरों पर दबाव रहा और निफ्टी फार्मा इंडेक्स करीब 1.3 प्रतिशत गिर गया। वित्तीय और ऑटो सेक्टर के कुछ प्रमुख शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली।
आगे बाजार की दिशा किन बातों पर निर्भर करेगी?
आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों के रुख, रुपये की चाल और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। अमेरिकी महंगाई के आंकड़े भी वैश्विक बाजारों की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। कुल मिलाकर, भारतीय शेयर बाजार में फिलहाल उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक संकेतों और घरेलू कंपनियों के नतीजों से बाजार की अगली दिशा तय होने में अहम भूमिका निभा सकती है।
