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भारत के डेटा सेंटर सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा, Adani Enterprises और Jabil ने मिलाया हाथ

Adani Enterprises और अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Jabil ने भारत में AI और डेटा सेंटर से जुड़े हार्डवेयर के निर्माण के लिए 50:50 जॉइंट वेंचर बनाने की योजना के तहत गैर-बाध्यकारी MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। प्रस्तावित साझेदारी में AI रैक, सर्वर, स्टोरेज, नेटवर्किंग उपकरण, पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट्स और लिक्विड-कूलिंग सिस्टम का निर्माण शामिल है। यह पहल भारत में डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और AI हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

Neha Sharma14 अक्टू. 2026, 05:50 PM IST
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भारत के डेटा सेंटर सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा, Adani Enterprises और Jabil ने मिलाया हाथ

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2026: अडानी समूह की प्रमुख कंपनी Adani Enterprises और अमेरिका की इंजीनियरिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Jabil Inc. ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर से जुड़े उपकरणों के निर्माण के लिए 50:50 जॉइंट वेंचर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। दोनों कंपनियों ने 13 अक्टूबर को इस प्रस्तावित साझेदारी के लिए एक गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।


इस प्रस्तावित संयुक्त उद्यम का उद्देश्य भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण को बढ़ावा देना और देश में डेटा सेंटर उपकरणों की बढ़ती मांग को पूरा करना है। इसके जरिए घरेलू बाजार की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात के अवसर भी तलाशे जाएंगे।


AI रैक, सर्वर और नेटवर्किंग उपकरणों का होगा निर्माण

प्रस्तावित जॉइंट वेंचर के तहत AI रैक, सर्वर, स्टोरेज और नेटवर्किंग उपकरणों का निर्माण एवं असेंबली की जाएगी। ये उपकरण डेटा सेंटर में बड़े कंप्यूटिंग सिस्टम और AI एप्लिकेशन को संचालित करने के लिए जरूरी होते हैं।

इसके अलावा, इस साझेदारी में AI सिस्टम को बिजली उपलब्ध कराने और उन्हें ठंडा रखने वाले उपकरणों का निर्माण भी शामिल होगा। इनमें पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट्स, लिक्विड-कूलिंग सिस्टम और ट्रांसफॉर्मर जैसे उपकरण शामिल हैं। कंपनियों के अनुसार, प्रस्तावित इकाई में कई गीगावाट क्षमता के AI रैक निर्माण की व्यवस्था विकसित करने की योजना है। इसके साथ इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा सकती हैं।


भारत के डेटा सेंटर सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा

भारत में क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल सेवाओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल के कारण डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग तेजी से बढ़ रही है। कंपनियों के अनुमान के मुताबिक, भारत की डेटा सेंटर क्षमता 2030 तक 5 से 8 गीगावाट तक पहुंच सकती है। ऐसे में Adani Enterprises और Jabil की प्रस्तावित साझेदारी देश में डेटा सेंटर हार्डवेयर के स्थानीय निर्माण को बढ़ावा दे सकती है। इससे भारत में बनने वाले डेटा सेंटरों को जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने और वैश्विक ग्राहकों की मांग पूरी करने में मदद मिलने की उम्मीद है।


Adani की इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता और Jabil की तकनीकी विशेषज्ञता

इस साझेदारी में Adani Group अपने इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और डेटा सेंटर कारोबार से जुड़ी क्षमताओं का लाभ उठाएगा। वहीं, Jabil अपनी इंजीनियरिंग, सप्लाई चेन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग विशेषज्ञता के जरिए AI हार्डवेयर निर्माण में योगदान देगी।


Adani Group के चेयरमैन गौतम अडानी के अनुसार, AI क्षेत्र के विकास के लिए केवल सॉफ्टवेयर ही नहीं, बल्कि ऊर्जा, उन्नत कंप्यूटिंग और आधुनिक विनिर्माण से जुड़ा मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर भी आवश्यक है। Jabil के CEO माइक दस्तूर ने भी भारत को घरेलू और वैश्विक AI इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग के लिहाज से महत्वपूर्ण बाजार बताया है।


जॉइंट वेंचर के लिए आगे क्या?

दोनों कंपनियों के बीच हुआ MoU प्रस्तावित संयुक्त उद्यम की रूपरेखा तय करता है। हालांकि, इस जॉइंट वेंचर को अंतिम रूप देने के लिए विस्तृत समझौतों, जरूरी मंजूरियों और अन्य निर्धारित शर्तों को पूरा करना होगा।

यदि योजना आगे बढ़ती है, तो यह साझेदारी भारत में AI और डेटा सेंटर हार्डवेयर के निर्माण को विस्तार देने के साथ-साथ देश को वैश्विक तकनीकी सप्लाई चेन में मजबूत भूमिका दिलाने में योगदान दे सकती है।