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डोंबिवली : पुलिस जांच की खामियों से कमजोर पड़ा केस, 11 साल पुराने मंगलसूत्र लूट मामले में अक्तर जाफरी और अल्ताप शेख बरी; महिला आरोपियों को नहीं पहचान सकी

डोंबिवली पूर्व के खंबालपाड़ा में महिला से सोने का मंगलसूत्र लूटने के 11 साल पुराने मामले में कल्याण कोर्ट ने दो आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने पाया कि मुख्य गवाह आरोपियों की पहचान नहीं कर सकी और अभियोजन पक्ष ने जांच अधिकारी समेत अन्य महत्वपूर्ण गवाहों को अदालत में पेश नहीं किया। ऐसे में आरोपियों की संलिप्तता संदेह से परे साबित नहीं हो सकी।

Sonali26 सित. 2026, 03:04 PM IST
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डोंबिवली : पुलिस जांच की खामियों से कमजोर पड़ा केस, 11 साल पुराने मंगलसूत्र लूट मामले में अक्तर जाफरी और अल्ताप शेख बरी; महिला आरोपियों को नहीं पहचान सकी

डोंबिवली/कल्याण

 डोंबिवली पूर्व के खंबालपाड़ा इलाके में महिला से सोने का मंगलसूत्र लूटने के करीब 11 साल पुराने मामले में कल्याण की अदालत ने दो आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। मामले की मुख्य गवाह और शिकायतकर्ता महिला अदालत में आरोपियों को पहचान नहीं सकी। साथ ही अभियोजन पक्ष ने जांच अधिकारी और अन्य महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही भी दर्ज नहीं कराई। यह फैसला कल्याण स्थित प्रथमवर्ग न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय क्रमांक 3 के न्यायिक दंडाधिकारी निलेश प्रभाकर वासाडे ने 21 सितंबर 2026 को सुनाया। मामला नियमित फौजदारी खटला क्रमांक 313/2015 और मानपाड़ा पुलिस स्टेशन के अपराध क्रमांक I-390/2014 से संबंधित था। आरोपियों अक्तर अज्जुअली जाफरी और अल्तापहुसेर मोहमदनवी शेख के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 394 सहपठित धारा 34 के तहत मामला चलाया गया था।


क्या था पूरा मामला?

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 1 अगस्त 2014 को रात करीब 8:30 बजे नहीं बल्कि सुबह करीब 8:30 बजे शिकायतकर्ता लीला सोमनाथन अपने पति के साथ डोंबिवली पूर्व के खंबालपाड़ा इलाके में विमको प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के सामने सड़क पर थीं। आरोप था कि इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो आरोपी उनके पास आए। आरोपी नंबर 1 मोटरसाइकिल चला रहा था, जबकि आरोपी नंबर 2 पीछे बैठा था। अभियोजन के मुताबिक, आरोपी नंबर 2 ने महिला के गले से करीब 15 ग्राम वजन का सोने का मंगलसूत्र जबरन खींच लिया और दोनों मोटरसाइकिल से फरार हो गए। मंगलसूत्र की कीमत करीब ₹30,000 बताई गई थी। शिकायत के आधार पर मानपाड़ा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच के दौरान घटनास्थल का पंचनामा किया, कथित तौर पर मुद्देमाल जब्त किया और शिकायतकर्ता तथा अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए। इसके बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 394 और 34 के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया।


मुख्य गवाह आरोपियों को पहचान नहीं सकी

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मुख्य रूप से शिकायतकर्ता लीला सोमनाथन को गवाह के रूप में पेश किया। उन्होंने अदालत को बताया कि घटना के दिन वह अपने पति के साथ आयप्पा मंदिर में दर्शन के लिए गई थीं। वहां से लौटने के बाद वे रिक्षा पकड़ने के लिए विमको कंपनी के सामने खड़ी थीं। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर दो लोग आए और यू-टर्न लेकर उनके गले से मंगलसूत्र खींचकर भाग गए। गवाह ने यह भी बताया कि पीछे बैठे मोटरसाइकिल सवार ने उसके गाल पर थप्पड़ मारा था। हालांकि, अदालत में उसने स्पष्ट रूप से कहा कि उसे आरोपी याद नहीं हैं और वह उनके नाम भी नहीं बता सकती।


अभियोजन पक्ष की कमजोरी बनी बरी होने की वजह

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष ने ऐसा कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह पेश नहीं किया, जिसने आरोपियों को लूट की घटना करते हुए देखा हो। मुख्य गवाह आरोपियों की पहचान नहीं कर सकी। इसके अलावा जांच अधिकारी और अन्य गवाहों की गवाही भी अदालत के सामने नहीं लाई गई। अदालत ने माना कि उपलब्ध साक्ष्यों से यह साबित नहीं हुआ कि दोनों आरोपी घटना में किस प्रकार शामिल थे। इसलिए आरोपियों के खिलाफ धारा 394 सहपठित धारा 34 के तहत अपराध संदेह से परे साबित नहीं हुआ।


दोनों आरोपी बरी

न्यायिक दंडाधिकारी निलेश प्रभाकर वासाडे ने दोनों आरोपियों अक्तर अज्जुअली जाफरी और अल्तापहुसेर मोहमदनवी शेख को भारतीय दंड संहिता की धारा 394 सहपठित धारा 34 के आरोप से दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 248(1) के तहत बरी कर दिया। अदालत ने आरोपियों और जमानतदारों के बंधपत्र रद्द करने का आदेश दिया। साथ ही अपील होने की स्थिति में उच्च न्यायालय के समक्ष उपस्थित रहने के लिए आवश्यक जमानत प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। अदालत ने जब्त 15 ग्राम वजन का सोने का मंगलसूत्र अपील की अवधि समाप्त होने के बाद शिकायतकर्ता को स्थायी रूप से सौंपने का आदेश भी दिया। वहीं, मामले में जब्त बजाज पल्सर मोटरसाइकिल को अपील अवधि समाप्त होने के बाद उसके मूल मालिक को लौटाने का निर्देश दिया गया है।