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अवध बार चुनाव पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, पोस्टर-जुलूस और खाना बांटने पर रोक, 100 मीटर तक पर्चे भी नहीं बांट सकेंगे उम्मीदवार
अवध बार एसोसिएशन के 2026-27 चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने हाईकोर्ट परिसर के भीतर चुनाव प्रचार के लिए पोस्टर और स्टिकर लगाने, जुलूस निकालने तथा खाद्य सामग्री बांटने पर रोक लगा दी है। इसके अलावा परिसर के अंदर और बाहर 100 मीटर के दायरे में बार सदस्यों को हैंडबिल और पर्चे बांटने पर भी प्रतिबंध रहेगा। चुनाव से जुड़ी गतिविधियों और हाईकोर्ट परिसर की व्यवस्था को लेकर अदालत ने अलग से स्वत: संज्ञान जनहित याचिका दर्ज करने का निर्देश दिया है।

लखनऊ।
अवध बार एसोसिएशन के 2026-27 चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उम्मीदवारों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने हाईकोर्ट परिसर के भीतर चुनाव प्रचार के लिए पोस्टर, स्टिकर, बैनर या अन्य प्रचार सामग्री लगाने, जुलूस निकालने और खाद्य सामग्री बांटने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही बार सदस्यों को हैंडबिल और पर्चे बांटने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजिव शुक्ला की खंडपीठ ने यह निर्देश 2026-27 के अवध बार एसोसिएशन चुनाव से संबंधित एक आवेदन पर सुनवाई करते हुए दिए। आवेदन में चुनाव के दौरान हाईकोर्ट परिसर और उसके आसपास प्रचार सामग्री लगाए जाने तथा अन्य गतिविधियों को नियंत्रित करने की मांग की गई थी।
हाईकोर्ट परिसर में पोस्टर और स्टिकर पर रोक
अदालत के निर्देश के मुताबिक चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार हाईकोर्ट परिसर के भीतर चुनाव से संबंधित पोस्टर या स्टिकर नहीं लगा सकेंगे। इसके अलावा बैनर और होर्डिंग लगाने जैसी प्रचार गतिविधियों पर भी रोक लगाने की मांग पर अदालत ने संज्ञान लिया। याचिका में दलील दी गई थी कि इस तरह की गतिविधियां न केवल हाईकोर्ट भवन और परिसर की सुंदरता एवं गरिमा को प्रभावित करती हैं, बल्कि परिसर में ऐसी गतिविधियां करना उचित भी नहीं है।
जुलूस निकालने और खाना बांटने की अनुमति नहीं
हाईकोर्ट ने चुनाव के सिलसिले में परिसर के भीतर जुलूस निकालने पर भी रोक लगा दी है। इसके अलावा उम्मीदवार या उनके समर्थक हाईकोर्ट परिसर में खाद्य सामग्री का वितरण नहीं कर सकेंगे। खास तौर पर चुनाव के दिन खाने-पीने की चीजें बांटने की गतिविधि को रोकने की मांग भी आवेदन में की गई थी। अदालत ने चुनाव से जुड़ी ऐसी गतिविधियों को नियंत्रित करने के निर्देश दिए।
100 मीटर के दायरे में पर्चे बांटने पर भी रोक
अदालत ने केवल हाईकोर्ट परिसर तक प्रतिबंध सीमित नहीं रखा। उम्मीदवार हाईकोर्ट परिसर के अंदर तथा परिसर के बाहर 100 मीटर के दायरे में बार के सदस्यों को हैंडबिल और पर्चे भी वितरित नहीं कर सकेंगे। इसका उद्देश्य चुनाव प्रचार के नाम पर हाईकोर्ट परिसर और उसके आसपास अनावश्यक भीड़ तथा प्रचार गतिविधियों को नियंत्रित करना है।
सड़क पर टेंट लगाने और रास्ता रोकने का मुद्दा
आवेदन में चुनावी गतिविधियों के दौरान सड़क पर टेंट लगाकर रास्ता बाधित करने पर भी रोक लगाने की मांग की गई थी। अदालत के समक्ष यह मुद्दा भी रखा गया कि चुनाव के दौरान ऐसी गतिविधियों से हाईकोर्ट परिसर के आसपास आवागमन और व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। हालांकि, जिस जनहित याचिका में यह आवेदन दाखिल किया गया था, वह पहले ही निस्तारित हो चुकी थी। इसलिए पीठ ने कहा कि इस विषय पर अलग से स्वत: संज्ञान जनहित याचिका दर्ज करना उचित होगा।
29 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने “In Re: Conduct of Elections to the Oudh Bar Association” शीर्षक से अलग स्वत: संज्ञान जनहित याचिका दर्ज करने का निर्देश दिया है। इस मामले को 29 सितंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। अदालत ने मामले को वर्ष 2021 की अवध बार एसोसिएशन चुनाव से संबंधित जनहित याचिका के साथ सूचीबद्ध करने का निर्देश भी दिया है। इससे चुनाव प्रक्रिया के दौरान हाईकोर्ट परिसर की व्यवस्था, अनुशासन और गरिमा बनाए रखने से जुड़े निर्देशों पर आगे सुनवाई होगी।
