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कोविड में Arsenicum Album 30 देने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की याचिका वापस, 'द लिवर डॉक्टर' ने लिया केस

केरल के चिकित्सक-वैज्ञानिक डॉ. साइरिएक एबी फिलिप्स, जिन्हें 'द लिवर डॉक्टर' के नाम से जाना जाता है, ने कोविड-19 से बचाव के लिए Arsenicum Album 30 होम्योपैथिक दवा देने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका वापस ले ली। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने याचिका वापस लिए जाने के बाद उसे खारिज कर दिया।

Sonali26 सित. 2026, 02:08 PM IST
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कोविड में Arsenicum Album 30 देने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की याचिका वापस, 'द लिवर डॉक्टर' ने लिया केस

नई दिल्ली। 

केरल के चिकित्सक-वैज्ञानिक डॉ. साइरिएक एबी फिलिप्स, जिन्हें 'द लिवर डॉक्टर' के नाम से जाना जाता है, ने कोविड-19 से बचाव और इम्युनिटी बढ़ाने के लिए होम्योपैथिक दवा Arsenicum Album 30 देने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका वापस ले ली है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका वापस लिए जाने के बाद इसे खारिज कर दिया।

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने 2 अगस्त 2026 को याचिकाकर्ता के वकील की ओर से भेजे गए पत्र का संज्ञान लिया, जिसमें याचिका वापस लेने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने भी अदालत को याचिका वापस लेने संबंधी पत्र की जानकारी दी।

होम्योपैथिक दवा के इस्तेमाल पर उठाए थे सवाल

डॉ. फिलिप्स ने वर्ष 2022 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर आयुष मंत्रालय की उन गाइडलाइंस, एडवाइजरी और फैक्ट शीट को चुनौती दी थी, जिनमें कोविड-19 से बचाव या इम्युनिटी बढ़ाने के लिए Arsenicum Album 30 सहित होम्योपैथिक दवाओं के इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी।

याचिका में विशेष रूप से बच्चों और 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को Arsenicum Album 30 देने पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता का दावा था कि कोविड-19 महामारी के दौरान विभिन्न राज्य सरकारों ने इम्युनिटी बढ़ाने के नाम पर ऐसी दवाओं के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया।

याचिका में केरल सरकार द्वारा स्कूली बच्चों के बीच Arsenicum Album 30CH के बड़े पैमाने पर वितरण का भी उल्लेख किया गया था। याचिका के अनुसार, यह दवा कथित तौर पर 38 लाख से 50 लाख स्कूली छात्रों को वितरित की गई थी।

कोविड टास्क फोर्स के पास मामला भेजने की मांग

याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से यह निर्देश देने की भी मांग की थी कि कोविड-19 से बचाव के लिए Arsenicum Album 30 को 'इम्यूनिटी बूस्टर' के तौर पर इस्तेमाल करने की सुरक्षा और प्रभावशीलता के सवाल को सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कोविड टास्क फोर्स के पास भेजा जाए। इससे पहले डॉ. फिलिप्स ने केरल हाईकोर्ट में भी स्कूली बच्चों को Arsenicum Album 30CH देने के प्रस्ताव को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने उन्हें राज्य सरकार के समक्ष प्रतिनिधित्व देने की स्वतंत्रता दी थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन 17 दिसंबर 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ उनकी चुनौती खारिज कर दी थी।

याचिका वापस लेने पर कोर्ट ने क्या कहा?

मामले की सुनवाई के दौरान इंडियन होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन की ओर से पेश वकील मुकुंद पी. उन्नी ने याचिकाकर्ता के आचरण पर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि याचिकाकर्ता ने अदालत और न्यायपालिका के खिलाफ बयान दिए हैं और उनके आचरण को गंभीर तथा अवमाननापूर्ण बताया। इस पर जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि अदालत का ध्यान केवल न्याय करने और न्याय प्रशासन में सहायता लेने पर है। इसके बाद पीठ ने याचिका वापस लिए जाने की अनुमति दी और मामले को वापस ली गई याचिका के रूप में खारिज कर दिया। यह याचिका 2022 में सुप्रीम कोर्ट में नोटिस जारी होने के बाद लंबित थी। अब याचिकाकर्ता द्वारा इसे वापस लेने के बाद कार्यवाही समाप्त हो गई।