law-order

महाराष्ट्र SIR पर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, गलत तरीके से वोटर नाम हटाने से सुरक्षा की मांग वाली याचिका पर 5 अक्टूबर को सुनवाई

महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट 5 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। याचिका में SIR प्रक्रिया में कथित खामियों को उठाते हुए पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जाने से बचाने के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

Sonali28 सित. 2026, 12:57 PM IST
खबर शेयर करें:
महाराष्ट्र SIR पर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, गलत तरीके से वोटर नाम हटाने से सुरक्षा की मांग वाली याचिका पर 5 अक्टूबर को सुनवाई

मुंबई।

 महाराष्ट्र में मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट 5 अक्टूबर 2026 को सुनवाई करेगा। याचिका में SIR की प्रक्रिया में कथित खामियों को उठाते हुए पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जाने से रोकने के लिए सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की गई है। मामला 28 सितंबर को चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की डिवीजन बेंच के सामने पेश किया गया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत के समक्ष महाराष्ट्र में चल रही SIR प्रक्रिया से जुड़ी कथित प्रक्रियात्मक गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया गया। कोर्ट ने मामले को 5 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। याचिका में मुख्य चिंता यह जताई गई है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए न जाएं। इससे बचने के लिए याचिकाकर्ताओं ने वैधानिक सुरक्षा उपायों के सख्ती से पालन, पारदर्शिता और उचित प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की है। इसी तरह की एक अन्य याचिका में भी SIR के door-to-door enumeration चरण के दौरान प्रक्रियात्मक उल्लंघन के आरोप लगाए गए ह  रिपोर्ट के अनुसार, याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि केवल घर पर मतदाता के नहीं मिलने या पुराने मतदाता रिकॉर्ड से उसका मिलान नहीं होने के आधार पर किसी व्यक्ति को स्वतः मतदाता सूची से बाहर नहीं किया जाना चाहिए। याचिका में यह भी कहा गया है कि ऐसे मामलों में संबंधित मतदाता को सुनवाई का अवसर और कारणयुक्त आदेश मिलना चाहिए। महाराष्ट्र में SIR के तहत मतदाता सूची का प्रारूप 24 अगस्त 2026 को प्रकाशित किया गया था। निर्वाचन आयोग की संशोधित समय-सारणी के अनुसार दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 24 अगस्त से 23 सितंबर तक थी, जबकि दावों और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 22 अक्टूबर तक चलनी है। अंतिम मतदाता सूची 27 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जानी है। SIR के प्रारूप को लेकर महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रारंभिक सूची में शामिल नहीं होने की रिपोर्ट भी सामने आई है। हालांकि, ऐसे मतदाताओं के लिए दावे और आपत्तियां दाखिल करने तथा आवश्यक दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया उपलब्ध है। अब बॉम्बे हाईकोर्ट 5 अक्टूबर को याचिका में उठाए गए मुद्दों पर सुनवाई करेगा। इस सुनवाई में अदालत के सामने SIR की प्रक्रिया में कथित खामियों और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा से जुड़े सवालों पर दलीलें रखी जाएंगी।