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बिजली बुनियादी नागरिक सुविधा, रेलवे भूमि बताकर कनेक्शन से इनकार पर इलाहाबाद HC ने लगाई रोक
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिजली कनेक्शन से जुड़े एक मामले में कहा कि सम्मानजनक जीवन के लिए बिजली समेत बुनियादी नागरिक सुविधाएं जरूरी हैं। रेलवे भूमि का हवाला देकर कनेक्शन से इनकार किए जाने के मामले में कोर्ट ने एकल पीठ के आदेश पर सवाल उठाते हुए आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लंबे समय से बिजली कनेक्शन से वंचित एक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि एक संगठित समाज में सम्मानजनक जीवन के लिए पर्याप्त रहने की जगह, सुरक्षित आवास, स्वच्छ वातावरण, रोशनी, शुद्ध हवा-पानी, बिजली और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाएं आवश्यक हैं। कोर्ट ने बिजली कनेक्शन से इनकार करने के आधार पर एकल पीठ के आदेश पर सवाल उठाते हुए संबंधित कार्यवाही पर रोक लगा दी। मामला उस व्यक्ति से जुड़ा है, जिसे अपने भाई के साथ संपत्ति विवाद के बीच बिजली आपूर्ति से वंचित कर दिया गया था। याचिकाकर्ता ने बिजली का नया कनेक्शन देने या पहले से चले आ रहे कनेक्शन को अपने नाम स्थानांतरित करने की मांग की थी। यह बिजली कनेक्शन वर्ष 1978 से उसके दिवंगत पिता और बड़े भाई के नाम पर चल रहा था। उसने सब-मीटर के जरिए बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग भी की थी। रेलवे अधिकारियों ने याचिकाकर्ता की मांग को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि जिस संपत्ति पर बिजली कनेक्शन मांगा गया है, वह रेलवे की जमीन के बीच स्थित है। मामले में रेलवे बोर्ड के उस निर्देश का भी हवाला दिया गया, जो निजी भूमि पर बिजली कनेक्शन दिए जाने से संबंधित है। हाईकोर्ट ने अधिकारियों द्वारा अपनाए गए इस दृष्टिकोण को स्वीकार नहीं किया कि उक्त आधार पर याचिकाकर्ता के बिजली कनेक्शन के अधिकार को सीधे तौर पर नकार दिया जाए। पीठ ने टिप्पणी की कि किसी संगठित समाज में पर्याप्त रहने की जगह, सुरक्षित और उचित आवास, स्वच्छ एवं बेहतर वातावरण, पर्याप्त रोशनी, शुद्ध हवा और पानी, बिजली, स्वच्छता तथा सड़क जैसी नागरिक सुविधाओं के बिना मनुष्य के रूप में जीवन जीना संभव नहीं होगा। अदालत की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब याचिकाकर्ता लंबे समय से बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्या का सामना कर रहा था। कोर्ट ने मामले में एकल पीठ द्वारा पारित आदेश के आधार और उसके बाद की कार्यवाही पर भी सवाल उठाया तथा कार्यवाही पर रोक लगा दी।
मामले में हाईकोर्ट ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। याचिका में बिजली आपूर्ति बहाल करने और कनेक्शन से संबंधित राहत की मांग की गई है।
