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NEET-UG में NRI कोटे की सीटों पर SC, ST और OBC आरक्षण लागू नहीं होगा: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने NEET-UG में NRI कोटे की सीटों पर OBC आरक्षण का लाभ देने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि NRI कोटा अलग श्रेणी है और इन सीटों पर SC, ST या OBC आरक्षण का लाभ नहीं लिया जा सकता।

Sonali29 सित. 2026, 08:45 PM IST
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NEET-UG में NRI कोटे की सीटों पर SC, ST और OBC आरक्षण लागू नहीं होगा: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट की धारवाड़ बेंच ने NEET-UG काउंसलिंग में NRI कोटे और आरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि NRI कोटे के तहत उपलब्ध सीटों पर SC, ST या OBC आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि NRI कोटा अलग श्रेणी है और इसके तहत सीटें अनारक्षित श्रेणी में आती हैं।

जस्टिस एम. नागप्रसन्ना और जस्टिस हेमा कुलकर्णी की डिवीजन बेंच ने 18 वर्षीय NEET-UG अभ्यर्थी द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी। अभ्यर्थी ने मांग की थी कि NRI (स्पॉन्सर्ड) उम्मीदवार के रूप में आवेदन करने के बावजूद काउंसलिंग प्रक्रिया में उसका OBC दर्जा बरकरार रखा जाए।


मामला NEET-UG 2026 की काउंसलिंग से जुड़ा था। याचिकाकर्ता ने NRI कोटे के तहत दाखिले के लिए आवेदन किया था, लेकिन वह इस कोटे के लिए निर्धारित कटऑफ अंक हासिल नहीं कर सकी। रिपोर्ट के अनुसार, उसे 48.33 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए थे। इसके बाद उसने NRI कोटे की सीटों पर OBC आरक्षण का लाभ देने की मांग की।

हाईकोर्ट ने NEET-UG 2026 के सूचना बुलेटिन और काउंसलिंग योजना का हवाला देते हुए कहा कि NRI उम्मीदवारों के लिए अलग सीटें निर्धारित की जाती हैं और एक उम्मीदवार काउंसलिंग में केवल एक प्रकार के आरक्षण का विकल्प चुन सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि NRI कोटा अनारक्षित श्रेणी के तहत आता है।


अदालत ने कहा कि NRI कोटा एक अलग कोटा है, जिसमें 15 प्रतिशत सीटें NRI उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं। काउंसलिंग के नियमों के अनुसार NRI उम्मीदवारों को NRI श्रेणी की सीटें दिखाई जाती हैं और उम्मीदवार केवल एक प्रकार के आरक्षण का विकल्प चुन सकता है। कोर्ट ने यह भी माना कि याचिकाकर्ता NRI कोटे के लिए आवश्यक न्यूनतम अंक हासिल नहीं कर सकी थी। ऐसे में केवल दाखिला हासिल करने के लिए NRI कोटे में SC, ST या OBC आरक्षण को लागू करने की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती।

पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता अब NRI कोटे को आरक्षित श्रेणी के रूप में व्याख्यायित करने की मांग नहीं कर सकती, क्योंकि संबंधित नियमों में NRI कोटा अनारक्षित श्रेणी के रूप में निर्धारित है। इन परिस्थितियों में अदालत ने याचिका में कोई मेरिट नहीं पाते हुए उसे खारिज कर दिया। यह मामला Juhi बनाम Union of India & Others के नाम से दर्ज था और इसकी याचिका संख्या Writ Petition No. 107372 of 2026 (EDN-RES) थी। फैसला कर्नाटक हाईकोर्ट की धारवाड़ बेंच ने सुनाया।