law-order

एंटीलिया बम धमकी मामला: सचिन वाजे की जमानत के खिलाफ NIA की अपील से बॉम्बे हाईकोर्ट के 3 जज अलग हुए

एंटीलिया बम धमकी मामले में सचिन वाजे को मिली जमानत के खिलाफ NIA की अपील पर सुनवाई से बॉम्बे हाईकोर्ट के तीन जज अलग हो गए। जस्टिस भारती डांगरे, जस्टिस सरंग कोतवाल और जस्टिस आशीष चव्हाण ने अलग-अलग कारणों का हवाला देते हुए मामले की सुनवाई से खुद को अलग किया।

Sonali30 सित. 2026, 07:28 PM IST
खबर शेयर करें:
एंटीलिया बम धमकी मामला: सचिन वाजे की जमानत के खिलाफ NIA की अपील से बॉम्बे हाईकोर्ट के 3 जज अलग हुए

बॉम्बे हाईकोर्ट में बुधवार को एंटीलिया बम धमकी मामले में सचिन वाजे को दी गई जमानत को चुनौती देने वाली NIA की अपील पर सुनवाई नहीं हो सकी। हाईकोर्ट के तीन जज इस मामले की सुनवाई से अलग हो चुके हैं। इसके बाद अब NIA की अपील को विशेष पीठ के सामने रखने की संभावना है। बुधवार, 30 सितंबर को NIA की अपील जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस आशीष चव्हाण की खंडपीठ के सामने सूचीबद्ध थी। मंगलवार शाम इस मामले को इस पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने की अनुमति दी गई थी।

मामला पुकारे जाने पर जस्टिस भारती डांगरे ने शुरुआत में ही सुनवाई से खुद को अलग करने की बात कही। उन्होंने बताया कि उन्होंने इससे पहले सचिन वाजे से जुड़े एक अन्य आपराधिक मामले में एक 'reasoned order' पारित किया था। उस मामले में वाजे के साथ महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख भी आरोपी हैं।


NIA की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) अनिल सिंह ने कहा कि वर्तमान मामला अलग है। इस पर जस्टिस डांगरे ने कहा कि भले ही यह अलग मामला है, लेकिन दोनों मामलों के बीच कुछ संबंध हैं और इसलिए वह इस अपील की सुनवाई नहीं करना चाहतीं। इसके बाद जस्टिस डांगरे ने यह भी बताया कि जस्टिस आशीष चव्हाण भी मामले की सुनवाई करने के इच्छुक नहीं हैं, क्योंकि अनिल देशमुख से जुड़े मामले में वह पहले CBI की ओर से पेश हो चुके हैं। इसके बाद दोनों जजों की पीठ ने मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। इससे पहले मंगलवार शाम NIA ने अपनी अपील को जस्टिस सरंग कोतवाल और जस्टिस रंजितसिंह भोंसले की खंडपीठ के समक्ष भी रखा था। यह पीठ NIA की अपीलों की सुनवाई के लिए निर्धारित रोस्टर वाली पीठ है। हालांकि, इस पीठ ने भी मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। जस्टिस सरंग कोतवाल ने बताया कि वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज मोहते पहले सचिन वाजे की ओर से पेश हो चुके हैं और वह उन पक्षकारों से जुड़े मामलों की सुनवाई नहीं करते, जिनकी ओर से मोहते पेश हुए हैं। जस्टिस कोतवाल ने यह भी बताया कि वकालत के दिनों में वह मनोज मोहते के साथ जुड़े रहे थे।


इस तरह अब तक तीन जजों—जस्टिस भारती डांगरे, जस्टिस सरंग कोतवाल और जस्टिस आशीष चव्हाण—के मामले से अलग होने के बाद NIA की अपील के लिए नई पीठ का गठन किया जाना संभावित है। रिपोर्ट के अनुसार, NIA अब अपनी अपील चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी के समक्ष मेंशन कर सकती है और उनसे इस मामले की सुनवाई के लिए विशेष पीठ गठित करने का अनुरोध कर सकती है। सचिन वाजे एंटीलिया बम धमकी मामले और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में आरोपी हैं। विशेष अदालत द्वारा उन्हें जमानत दिए जाने के बाद NIA ने उस आदेश को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी है।