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CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, रिकॉर्ड की जांच की मांग
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक नई जनहित याचिका दायर हुई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग के नाम पर कुछ फैसले अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए। याचिकाकर्ता ने आयोग के मूल रिकॉर्ड की जांच, कथित फैसलों को रद्द करने और SIT या स्वतंत्र जांच की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई के लिए सहमति जताई है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दाखिल की गई है। यह याचिका राकेश कुमार सिंह ने दायर की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग की तीन सदस्यीय व्यवस्था के बावजूद कुछ फैसले अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए। याचिका में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की कथित आपत्तियों का भी हवाला दिया गया है। याचिका में संविधान के अनुच्छेद 324 और Chief Election Commissioner and Other Election Commissioners Act, 2023 के तहत आयोग की सामूहिक निर्णय प्रक्रिया का पालन किए जाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि आयोग के अधिकारों से जुड़े आदेश, निर्देश और फैसले सर्वसम्मति या बहुमत के आधार पर लिए जाने चाहिए, न कि किसी एक सदस्य के स्तर पर।
याचिका में चुनाव आयोग के मूल रिकॉर्ड भी अदालत के सामने पेश करने की मांग की गई है। इनमें बैठकों के एजेंडा और कार्यवृत्त, मंजूरी से जुड़े दस्तावेज, फाइल नोटिंग, IT-access records तथा मतदाता सूची और Form-6 से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं याचिकाकर्ता ने ECINet और ERONet से जुड़े रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने और उनकी तकनीकी व फोरेंसिक जांच कराने की मांग भी की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच दोनों चुनाव आयुक्तों ने कई मौकों पर फैसले लेने की प्रक्रिया को लेकर लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं। हालांकि, ये आरोप अभी याचिका में लगाए गए दावे हैं और इन पर अदालत का अंतिम निष्कर्ष नहीं आया है। चुनाव आयोग ने दूसरी ओर कहा है कि SIR से जुड़े सभी फैसले आयोग ने सर्वसम्मति से लिए थे।
मामले में Form-6 और मतदाता सूची से जुड़े बदलाव भी उठाए गए हैं। हाल में चुनाव आयोग ने उन क्षेत्रों में ऑनलाइन Form-6 से SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा हटाने की जानकारी दी, जहां SIR प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। आयोग ने ECINET प्रणाली की कानूनी और तकनीकी समीक्षा के लिए एक समिति बनाने की भी बात कही है। सुप्रीम कोर्ट ने 29 सितंबर को इस मामले को अगले सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई। याचिका पर सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष होने की बात सामने आई है। अब अदालत यह देखेगी कि याचिका में उठाए गए कानूनी सवालों पर आगे सुनवाई की जरूरत है या नहीं।
