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कोविशील्ड के कथित साइड इफेक्ट्स पर अदार पूनावाला के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट, बॉम्बे हाईकोर्ट ने X को हटाने का दिया आदेश

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और उसके CEO अदार पूनावाला के खिलाफ X पर पोस्ट की गई एक आपत्तिजनक वीडियो सामग्री को हटाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पाया कि वीडियो में पहले से आपत्तिजनक ठहराई गई सामग्री को दोहराया गया था। अदालत ने संबंधित चार पक्षों को शो-कॉज नोटिस भी जारी किया है।

Sonali01 अक्टू. 2026, 07:04 PM IST
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कोविशील्ड के कथित साइड इफेक्ट्स पर अदार पूनावाला के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट, बॉम्बे हाईकोर्ट ने X को हटाने का दिया आदेश

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X Corp को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) और उसके CEO अदार पूनावाला के खिलाफ पोस्ट किए गए एक आपत्तिजनक वीडियो को तुरंत हटाने का निर्देश दिया है। जस्टिस गौरी गोडसे ने 29 सितंबर 2026 को यह आदेश पारित करते हुए कहा कि संबंधित वीडियो में पहले से अदालत द्वारा आपत्तिजनक और मानहानिकारक ठहराई गई सामग्री दोहराई गई थी। कोर्ट ने इस मामले में चार प्रतिवादियों को शो-कॉज नोटिस भी जारी किया है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और उसके CEO अदार पूनावाला की ओर से दायर मानहानि के मुकदमे से जुड़ा है। मामला कोविड-19 वैक्सीन कोविशील्ड को लेकर सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लगाए गए आरोपों से संबंधित है। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि कुछ लोगों ने वैक्सीन के कथित प्रतिकूल प्रभावों और कुछ मौतों को लेकर SII और पूनावाला के खिलाफ आपत्तिजनक तथा मानहानिकारक सामग्री प्रकाशित की। मामले में YouTuber Yohan Tengra, उनके चैनल Anarchy for Freedom India, Ambar Koiri और ऑनलाइन न्यूज पोर्टल TV10 L.I.V.E. समेत अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो में पूनावाला को ‘mass murderer’ तक कहा गया।

2023 में हाईकोर्ट ने दिया था रोक का आदेश

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 5 जून 2023 को मामले में विस्तृत अंतरिम आदेश पारित किया था। कोर्ट ने संबंधित प्रतिवादियों को पूनावाला और सीरम इंस्टीट्यूट के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने से रोका था। कोर्ट ने पहले से प्रकाशित आपत्तिजनक सामग्री हटाने और बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश भी दिया था। अदालत ने उस समय सामग्री को प्रथम दृष्टया मानहानिकारक माना था। इसके बाद आरोप सामने आया कि Yohan Tengra ने उसी रात एक नया वीडियो अपलोड किया। हाईकोर्ट के मुताबिक इस वीडियो में पहले से आपत्तिजनक ठहराई गई बातों को दोहराया गया और यह भी कहा गया कि वह अदालत के आदेश का पालन नहीं करेंगे तथा पूनावाला को ‘mass murderer’ कहना जारी रखेंगे।

X Corp ने वीडियो हटाने से क्यों किया इनकार?

सीरम इंस्टीट्यूट और पूनावाला ने 9 जून 2023 को Google और X Corp को सामग्री हटाने के लिए नोटिस भेजा था। रिपोर्ट के अनुसार Google ने संबंधित सामग्री हटा दी, जबकि X Corp ने यह कहते हुए सामग्री हटाने से इनकार किया कि 5 जून 2023 का आदेश सीधे उसके खिलाफ पारित नहीं हुआ था। X की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि वह केवल एक intermediary यानी प्लेटफॉर्म है और सामग्री मूल रूप से अपलोड करने वाला व्यक्ति नहीं है। X ने सुप्रीम कोर्ट के Shreya Singhal फैसले का हवाला देते हुए कहा कि किसी intermediary को सामग्री हटाने के लिए अदालत के ऐसे आदेश की जरूरत होती है, जिसमें हटाई जाने वाली सामग्री की पहचान स्पष्ट हो।

हाईकोर्ट ने X को क्या कहा?

जस्टिस गौरी गोडसे ने स्पष्ट किया कि किसी intermediary को हर भविष्य की सामग्री पर निगरानी रखने या किसी व्यक्ति की गतिविधियों को नियंत्रित करने का आदेश नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि intermediary को adjudicator या censor की भूमिका नहीं निभानी चाहिए और हटाने का निर्देश ऐसी विशिष्ट सामग्री से संबंधित होना चाहिए, जिसे अदालत ने आपत्तिजनक या गैरकानूनी पाया हो। हालांकि, मौजूदा वीडियो के मामले में कोर्ट ने पाया कि उसमें पहले से अदालत के आदेश के तहत आपत्तिजनक ठहराई गई सामग्री दोहराई गई थी। इसलिए X Corp को उस विशिष्ट वीडियो को तुरंत take down, remove या delete करने का निर्देश दिया गया।

चार लोगों को शो-कॉज नोटिस

हाईकोर्ट ने Yohan Tengra, Anarchy for Freedom India, Ambar Koiri और TV10 L.I.V.E. को शो-कॉज नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि अदालत के 5 जून 2023 के आदेश का कथित रूप से पालन नहीं करने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर 2026 को होगी। कोर्ट ने फिलहाल आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट निलंबित या डिलीट करने की व्यापक मांग को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि ऐसा आदेश इस चरण पर मुकदमे में मांगी गई अंतिम राहत देने के समान होगा। मामले का शीर्षक Serum Institute of India Pvt. Ltd. & Anr. v. Yohan Tengra & Ors. है और यह Interim Application No. 5853 of 2025 in Suit No. 558 of 2023 से संबंधित है।