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मेरठ ब्लू ड्रम हत्याकांड में मुस्कान-साहिल दोषी, सजा पर 15 दिन बाद सुनवाई; अभियोजन ने मांगी फांसी

मेरठ के चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में जिला जज की अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को सौरभ राजपूत की हत्या का दोषी करार दिया है। कोर्ट ने अभी सजा का ऐलान नहीं किया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोनों से सजा के संबंध में कुछ कहने के लिए पूछा गया, लेकिन दोनों ने इनकार कर दिया। अब करीब 15 दिन बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी। अभियोजन पक्ष ने दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग करने की बात कही है।

Kashish Rai01 अक्टू. 2026, 07:05 PM IST
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मेरठ ब्लू ड्रम हत्याकांड में मुस्कान-साहिल दोषी, सजा पर 15 दिन बाद सुनवाई; अभियोजन ने मांगी फांसी

मेरठ के चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में जिला जज की अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल को सौरभ राजपूत की हत्या का दोषी करार दिया है। हालांकि, अदालत ने अभी सजा तय नहीं की है। करीब 15 दिन बाद होने वाली अगली सुनवाई में दोनों आरोपियों को सजा के बिंदु पर सुना जाएगा। इसके बाद अदालत सजा का फैसला करेगी। अभियोजन पक्ष के वकील के.के. चौबे के अनुसार, अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुस्कान और साहिल से पूछा कि वे सजा या अपने बचाव में कुछ कहना चाहते हैं या नहीं। दोनों ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। के.के. चौबे ने बताया कि दोषसिद्धि और सजा सुनाने की प्रक्रिया अलग-अलग होती है। इसलिए अदालत ने फिलहाल सिर्फ दोषी ठहराने का फैसला सुनाया है। अभियोजन पक्ष ने मामले में अधिकतम सजा यानी मृत्युदंड की मांग करने की बात कही है। अभियोजन के अनुसार, अदालत के सामने आजीवन कारावास या मृत्युदंड का प्रावधान होने की दलील रखी गई है। हालांकि अंतिम सजा अदालत ही तय करेगी।

अदालत ने कहा कि सजा तय करते समय अपराधी और समाज के हितों के बीच संतुलन बनाना न्यायालय का कर्तव्य है। फिलहाल अगली तारीख की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन करीब 15 दिन बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई होने की बात कही गई है। यह मामला 3 मार्च 2025 का है। आरोप है कि मुस्कान और साहिल ने सौरभ राजपूत की हत्या करने के बाद शव के टुकड़े किए और उन्हें नीले ड्रम में रखकर ऊपर से सीमेंट भर दिया। करीब 15 दिन बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने मामले में करीब 1,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। ट्रायल के दौरान कई गवाहों के बयान दर्ज हुए और लंबे समय तक अंतिम बहस चली। 19 सितंबर को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। सौरभ राजपूत 24 फरवरी 2025 को लंदन से मेरठ अपने घर लौटा था। 25 फरवरी को पत्नी मुस्कान ने उसके लौटने की खुशी में घर पर पार्टी रखी। 28 फरवरी को परिवार ने बेटी पीहू का जन्मदिन मनाया।


आरोप के मुताबिक, 3 मार्च को मुस्कान ने डिनर में सौरभ को नींद की दवा दी और इसके बाद साहिल को बुलाया गया। पुलिस के आरोपपत्र के अनुसार, सौरभ की हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में रखा गया। 4 मार्च को मुस्कान अपनी बेटी पीहू को अपनी मां के घर छोड़कर साहिल के साथ हिमाचल चली गई। 17 मार्च को वह वापस मेरठ आई और अपने मायके पहुंची। 18 मार्च को पुलिस इंद्रानगर स्थित घर पहुंची, जहां ड्रम से सौरभ का शव बरामद हुआ। इसके बाद मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया गया। 12 मई को पुलिस ने करीब 1,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। 17 जून को मुस्कान और साहिल के खिलाफ हत्या और सबूत मिटाने के आरोप तय हुए। इसके बाद ट्रायल शुरू हुआ। मामले में परिवार के सदस्यों, पुलिसकर्मियों, डॉक्टरों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। 19 दिसंबर को कोर्ट में नीला ड्रम और ट्रॉली बैग पेश किए गए। 23 जनवरी 2026 को जियो के नोडल अधिकारी ने कॉल डिटेल, चैट और मोबाइल लोकेशन से जुड़ी रिपोर्ट अदालत में पेश की।

22 मई से 17 सितंबर के बीच मामले में अंतिम बहस चली। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था। अब दोषसिद्धि के बाद अगली सुनवाई में सजा पर फैसला होना है।