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Meta का बड़ा AI एक्शन: भारत में 53 लाख बाल यौन शोषण से जुड़े कंटेंट पर कार्रवाई, विज्ञापनों पर भी AI की नजर
Meta ने Facebook और Instagram पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट और उसके प्रचार को रोकने के लिए नए AI टूल्स तैनात किए हैं। कंपनी के मुताबिक जनवरी से जून 2026 के बीच भारत में ऐसे 53 लाख कंटेंट पर कार्रवाई की गई। इनमें 98% से अधिक मामलों का पता यूजर्स की शिकायत से पहले Meta के सिस्टम ने लगाया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook और Instagram की पैरेंट कंपनी Meta ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और मजबूत करने के लिए नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स लॉन्च किए हैं। कंपनी ने 7 अक्टूबर को जारी एक आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट में बताया कि अब उसकी AI तकनीक ऐसे विज्ञापनों को भी पहचानने की कोशिश करेगी, जो ऊपर से सामान्य दिखाई देते हैं लेकिन यूजर्स को Meta के बाहर मौजूद गैरकानूनी सामग्री तक पहुंचाने का काम करते हैं।
Meta के मुताबिक जनवरी से जून 2026 के बीच भारत में Facebook और Instagram पर 5.3 million यानी करीब 53 लाख Child Sexual Exploitation से जुड़े कंटेंट पर कार्रवाई की गई। कंपनी का दावा है कि इनमें 98 प्रतिशत से ज्यादा कंटेंट को यूजर की रिपोर्ट आने से पहले ही उसके सिस्टम ने पहचानकर कार्रवाई की।
वैश्विक स्तर पर इसी छह महीने की अवधि में Meta ने Facebook और Instagram पर 3.32 करोड़ कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई की। इनमें 97 प्रतिशत से ज्यादा मामलों का पता कंपनी के सिस्टम ने proactively लगाया था।
Meta के नए सिस्टम की खासियत यह है कि AI अब केवल विज्ञापन में दिखाई देने वाली तस्वीर या लिखे गए शब्दों पर निर्भर नहीं रहेगा। वह यह भी समझने की कोशिश करेगा कि विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद यूजर किस वेबसाइट या ऑनलाइन डेस्टिनेशन पर पहुंचता है। Meta ने इस तकनीक को “signposting” detection से जोड़ा है। इसका उद्देश्य ऐसे विज्ञापनों को पकड़ना है जो सीधे तौर पर आपत्तिजनक सामग्री नहीं दिखाते, लेकिन छिपे तरीके से यूजर्स को गैरकानूनी गतिविधियों की ओर ले जाते हैं।
कंपनी ने इसके अलावा AI-driven अतिरिक्त जांच, अपने सुरक्षा सिस्टम की कमजोरियां खोजने के लिए एक red-teaming AI agent और उन लोगों की पहचान करने के लिए बेहतर तकनीक भी लागू की है, जो प्रतिबंधित होने के बाद नए अकाउंट बनाकर दोबारा प्लेटफॉर्म पर लौटते हैं।
Meta की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब जुलाई 2026 में BBC Eye की एक जांच में भारत में Instagram पर ऐसे paid advertisements मिलने की रिपोर्ट सामने आई थी, जिनके जरिए यूजर्स को कथित तौर पर बाहरी प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण सामग्री तक पहुंचाया जा रहा था। इसके बाद भारत सरकार ने Meta से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा था।
Meta का कहना है कि वह ऐसे मामलों में संबंधित अकाउंट्स को disable करने, बाहरी लिंक को block करने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को जानकारी देने की प्रक्रिया भी जारी रखेगा। भारत में कंपनी ने सितंबर 2026 में Child Safety से जुड़े मामलों को सीधे National Cyber Crime Reporting Portal के माध्यम से रिपोर्ट करने की व्यवस्था की घोषणा भी की थी।
