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राहुल गांधी समेत INDIA गठबंधन के नेताओं की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, SIR प्रक्रिया पर रोक की मांग
सुप्रीम कोर्ट आज राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के अन्य नेताओं की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं ने प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता सूची से हटाए गए नामों का विवरण सार्वजनिक करने और बिना नोटिस व सुनवाई के किसी मतदाता का नाम नहीं हटाने का निर्देश देने की मांग की है।

याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से चुनाव आयोग के SIR से संबंधित फैसलों और निर्णय लेने की प्रक्रिया की न्यायिक जांच कराने का अनुरोध किया है। याचिका में चुनाव आयुक्तों की ओर से दर्ज फाइलों, बैठकों के मिनट्स, टिप्पणियों और आपत्तियों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके अलावा ECINET और ERONET सिस्टम के एक्सेस लॉग भी पेश करने की मांग की गई है। याचिका में चुनाव आयोग के 24 जून 2025 के उस फैसले से संबंधित पूरी फाइल भी मांगी गई है, जिसके तहत SIR प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया था। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि चुनाव आयोग के फैसलों की जांच संविधान के अनुच्छेद 324, मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023 की धारा 18 और टी.एन. शेषन मामले में निर्धारित सिद्धांतों के आधार पर की जानी चाहिए। याचिका में कानूनी अधिकार के बिना लिए गए फैसलों को रद्द करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग भी की गई है।
मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए नोटिस जरूरी करने की मांग
याचिका में मांग की गई है कि किसी भी मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे नोटिस दिया जाए और अपना पक्ष रखने का अवसर मिले। इसके साथ ही, मतदाता सूची से हटाए गए नामों की बूथवार जानकारी, नाम हटाने के कारण और उम्र व लिंग के आधार पर आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं। याचिकाकर्ताओं ने हटाए गए नामों को दोबारा मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने का निर्देश देने की भी मांग की है। याचिका में यह भी कहा गया है कि मामले की सुनवाई लंबित रहने के दौरान SIR से जुड़े सभी फैसले चुनाव आयोग के सदस्यों द्वारा सामूहिक रूप से लिए जाएं और उनका विधिवत रिकॉर्ड रखा जाए। ऑनलाइन फॉर्म-6 को पंजीकरण नियम, 1960 के अनुरूप बनाने की मांग भी की गई है।
सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में समिति बनाने की मांग
याचिकाकर्ताओं ने SIR के तहत हटाए गए मतदाताओं के नामों और चुनावी डेटाबेस तक पहुंच की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने का अनुरोध किया है। याचिका में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से जुड़ी प्रक्रियाओं की वैश्विक मानकों के आधार पर समीक्षा कराने की मांग भी शामिल है।
कई विपक्षी दलों के नेता याचिकाकर्ता
इस मामले में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी प्रसाद यादव, शिवसेना (UBT) के संजय राउत, CPI(M) के एमए बेबी, CPI के डी. राजा, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ माजी, NCP (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले और IUML के ईटी मोहम्मद बशीर समेत अन्य विपक्षी नेता याचिकाकर्ता हैं। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में यह देखा जाएगा कि याचिकाकर्ताओं की मांगों पर अदालत क्या रुख अपनाती है। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, याचिका में SIR प्रक्रिया की पारदर्शिता, चुनाव आयोग के निर्णयों की जांच और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई निर्देश मांगे गए हैं।
