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रोहतास में पत्नी की हत्या के दोषी पति को उम्रकैद, कुदाल से किया था हमला

बिहार के रोहतास जिले में पत्नी सरिता देवी की हत्या के मामले में अदालत ने पति ज्ञानी महतो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सासाराम की जिला एवं सत्र अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। करीब दो साल पहले पारिवारिक विवाद के दौरान उसने पत्नी पर कुदाल से हमला किया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी।

Kashish Rai17 अक्टू. 2026, 05:36 PM IST
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रोहतास में पत्नी की हत्या के दोषी पति को उम्रकैद, कुदाल से किया था हमला

बिहार के रोहतास जिले में पत्नी की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी पति ज्ञानी महतो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सासाराम स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। करीब दो साल पहले पारिवारिक विवाद के दौरान ज्ञानी महतो ने अपनी पत्नी सरिता देवी पर कुदाल से हमला कर दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में सात गवाहों के बयान दर्ज किए गए। गवाहों की गवाही और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। यह वारदात 15 जनवरी को रोहतास जिले के शिवसागर थाना क्षेत्र के गोतहर गांव में हुई थी। मामले के मुताबिक, ज्ञानी महतो और उसकी पत्नी सरिता देवी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।

 इसी दौरान विवाद बढ़ने पर ज्ञानी महतो ने सरिता देवी पर कुदाल से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल सरिता देवी की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मामला चर्चा का विषय बन गया था। इसके बाद मृतका के भाई ने आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और हत्या का मुकदमा चलाया गया।


सरिता देवी की मौत के बाद उनके भाई ने ज्ञानी महतो के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और जरूरी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा, जहां सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े तथ्यों और गवाहों के बयान पेश किए। अदालत में कुल सात गवाहों की गवाही दर्ज की गई। इन बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने आरोपी को हत्या का दोषी माना। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार जैन ने ज्ञानी महतो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। इस फैसले के साथ करीब दो साल पुराने मामले में न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ। अदालत ने गवाहों की गवाही और मामले में पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर दोष तय किया। लोक अभियोजक उपेंद्र कुमार ने फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार जैन ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जुर्माना भी लगाया गया है। पारिवारिक विवाद के दौरान हुई इस हत्या के मामले में अदालत के फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।