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झांसी में राखी सावंत के खिलाफ गैर-जमानती वारंट, 2010 के टीवी शो से जुड़ा मामला
झांसी की जिला अदालत ने अभिनेत्री राखी सावंत के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। यह मामला साल 2010 में प्रसारित उनके टीवी शो 'राखी का इंसाफ' से जुड़ा है। आरोप है कि शो के दौरान एक व्यक्ति के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था, जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली। अदालत में बार-बार बुलाए जाने के बावजूद पेश नहीं होने पर यह वारंट जारी किया गया। मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर को होगी। राखी सावंत ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर मामले में अपनी सफाई दी है।

उत्तर प्रदेश के झांसी की एक जिला अदालत ने अभिनेत्री राखी सावंत के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। यह मामला करीब 16 साल पुराना है और साल 2010 में प्रसारित उनके टीवी शो 'राखी का इंसाफ' से जुड़ा है। आरोप है कि शो के दौरान वैवाहिक विवाद सुलझाने के लिए पहुंचे एक व्यक्ति के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की गई थी। इसके बाद उस व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली थी। जिला सरकारी वकील (अपराध) मृदुल कांत श्रीवास्तव के मुताबिक, फास्ट ट्रैक कोर्ट के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने शुक्रवार को यह वारंट जारी किया। बताया गया कि कई बार बुलाए जाने के बावजूद राखी सावंत अदालत में पेश नहीं हुई थीं। मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर को निर्धारित की गई है।
क्या है 2010 के टीवी शो से जुड़ा मामला?
यह मामला झांसी के प्रेम नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले लक्ष्मण अहिरवार से जुड़ा है। लक्ष्मण अपनी पत्नी के साथ वैवाहिक विवाद सुलझाने के लिए 'राखी का इंसाफ' शो में पहुंचे थे। परिवार की ओर से दर्ज शिकायत के अनुसार, अक्टूबर 2010 में प्रसारित कार्यक्रम के एक एपिसोड में राखी सावंत ने लक्ष्मण के लिए कथित तौर पर अपमानजनक और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, शो के दौरान उन्हें 'नामर्द' कहा गया था। लक्ष्मण की मां सावित्री ने प्रेम नगर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि शो में की गई टिप्पणियों के बाद उनका बेटा मानसिक रूप से परेशान हो गया था। परिवार का दावा है कि बाद में अत्यधिक शराब पीने के कारण उसकी मौत हो गई और इस घटना को लेकर आत्महत्या का मामला सामने आया। इसके बाद शो और उसमें की गई टिप्पणियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों और उनकी कानूनी स्थिति का अंतिम निर्धारण अदालत की कार्यवाही के आधार पर होगा।
गैर-जमानती वारंट पर राखी सावंत ने क्या कहा?
अदालत के वारंट की खबर सामने आने के बाद राखी सावंत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया। इसमें उन्होंने कहा कि 2010 के इस मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है। राखी के मुताबिक, वह शो में केवल होस्ट की भूमिका निभा रही थीं और कार्यक्रम के लिए चैनल के साथ उनका अनुबंध था। उन्होंने दावा किया कि शो में क्या बोलना है, यह चैनल के निर्देशों के अनुसार होता था। राखी सावंत ने वीडियो में कहा कि उन्हें संबंधित व्यक्ति के बारे में अब ज्यादा याद नहीं है और वह उसे व्यक्तिगत रूप से नहीं जानती थीं। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम के लिए संबंधित लोगों के चैनल के साथ अनुबंध हुए थे। राखी ने मामले को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि वह कानून का सम्मान करती हैं तथा पुलिस और न्यायपालिका पर भरोसा रखती हैं। उनके बयान के मुताबिक, वह इस मामले में अपनी भूमिका से इनकार कर रही हैं।
'राखी का इंसाफ' शो को लेकर क्यों हुआ था विवाद?
'राखी का इंसाफ' एक ऐसा टीवी कार्यक्रम था, जिसमें लोगों के निजी और सामाजिक विवादों को सुलझाने की कोशिश की जाती थी। शो में कई बार तीखी बहस और विवादित टिप्पणियां देखने को मिलती थीं। लक्ष्मण अहिरवार से जुड़ी घटना के बाद कार्यक्रम की भूमिका और उसमें इस्तेमाल की जाने वाली भाषा पर सवाल उठे थे। अब इस पुराने मामले में अदालत ने राखी सावंत के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। अगली सुनवाई 1 दिसंबर को होगी, जिसमें मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
